एक गजल सच्चाई पर -आर के रस्तोगी

by Ram Krishan Rastogi on July 13, 2018, 01:24:49 AM
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कोई टोपी कोई पगड़ी कोई इज्जत अपनी बेच देता है
मिले अच्छी रिश्वत,जज भी आज न्याय बेच देता है

वैश्या फिर भी अच्छी है उसकी हद है अपने कोठे तक
पुलिस वाला तो बीच चौराहे पर अपनी वर्दी बेच देता है

जला दी जाती है,अक्सर बिटिया सुसराल में बेरहमी से
जिस बेटी के खातिर बाप अपनी  जिन्दगी बेच देता है

कोई मासूम लडकी प्यार में कुर्बान है जिस पर
बना कर विडियो उसको तो प्रेमी बेच देता है

जान दे दी वतन पर जिन बेनाम शहीदों ने
एक भ्रष्ट नेता अपने वतन को बेच देता है

इंसान कितना गिर चुका है अंदाजा नहीं लग सकता
इंसान धर्म इमान तो क्या,बच्चो को भी बेच देता है

जाता है मरीज अस्तपताल में अपना इलाज के लिये
पर डाक्टर आपरेशन के बहाने किडनी बेच देता है

क्यों वसूलते है हफ्ता पुलिस वाले बुरा काम करने वालो से
क्योकि प्रशासन अब नेता से मिलकर थाने बेच देता है

आर के रस्तोगी  
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«Reply #1 on: July 13, 2018, 06:19:17 PM »
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कोई टोपी कोई पगड़ी कोई इज्जत अपनी बेच देता है
मिले अच्छी रिश्वत,जज भी आज न्याय बेच देता है

वैश्या फिर भी अच्छी है उसकी हद है अपने कोठे तक
पुलिस वाला तो बीच चौराहे पर अपनी वर्दी बेच देता है

जला दी जाती है,अक्सर बिटिया सुसराल में बेरहमी से
जिस बेटी के खातिर बाप अपनी  जिन्दगी बेच देता है

कोई मासूम लडकी प्यार में कुर्बान है जिस पर
बना कर विडियो उसको तो प्रेमी बेच देता है

जान दे दी वतन पर जिन बेनाम शहीदों ने
एक भ्रष्ट नेता अपने वतन को बेच देता है

इंसान कितना गिर चुका है अंदाजा नहीं लग सकता
इंसान धर्म इमान तो क्या,बच्चो को भी बेच देता है

जाता है मरीज अस्तपताल में अपना इलाज के लिये
पर डाक्टर आपरेशन के बहाने किडनी बेच देता है

क्यों वसूलते है हफ्ता पुलिस वाले बुरा काम करने वालो से
क्योकि प्रशासन अब नेता से मिलकर थाने बेच देता है

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surindarn
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«Reply #2 on: July 13, 2018, 07:23:13 PM »
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waah waah waah Rastogi Jee bahut hee umdah kyaa baat hai, Rau ke saath daad.
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«Reply #3 on: July 14, 2018, 01:35:54 AM »
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श्री सुरेन्द्रन जी, राऊ देने के लिये बहुत बहुत दिल से शुक्रिया | उम्मीद है की भविष्य में भी ऐसे ही हौसला अफजाई करते रहेगे |
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Ram Krishan Rastogi
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«Reply #4 on: July 14, 2018, 01:38:03 AM »
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श्री मनोज जी,बहुत बहुत शुक्रिया
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