दर्शन "दूरदर्शन" का....!!

by rsd4u on June 23, 2011, 02:27:59 PM
Pages: [1]
Print
Author  (Read 639 times)
rsd4u
Aghaaz ae Shayar
*

Rau: 1
Offline Offline

Gender: Male
Waqt Bitaya:
1 days, 4 hours and 13 minutes.

Posts: 45
Member Since: Jan 2010


View Profile
आदिकाल से रही है परिवार के लिए बीबी की जरूरी,
लेकिन आजकल हर घर में है टी०वी० की मजबूरी।

टी०वी० के कई चैनल होते हैं,
और उन चैनलों के अलग अलग पैनल भी होते हैं।
एक ओर योग द्वारा रोग-मुक्ति के उपाय सुझाये जाते हैं,
तो दूसरी ओर सिगरेट और शराब के विज्ञापन दिखाये जाते हैं।

बात समझ में आये, यह जरूरी नहीं,
पर अंग्रेजी चैनल देखना अनिवार्य है,
वर्तमान भारत में शान से जीने के लिए,
अंग्रेजियत की छाप भी तो अपरिहार्य है।

दो वक्त की रोटी भी जिसे नहीं मिलती,
उसकी संख्या सत्तर प्रतिशत के लगभग है,
पर अमूल वाले अपने विज्ञापन में समझाते हैं कि,
असली मक्खन के स्वाद पे सभी का हक है।

सेविंग ब्लेड से लेकर ट्रेक्टर के टायर तक,
नारी देह का खुला प्रदर्शन होता है,
"यत्र नार्यास्तु पूज्यन्ते" का प्राचीन सिद्धान्त,
अपने आप पे रोता है।




Logged
Pages: [1]
Print
Jump to:  


Get Yoindia Updates in Email.

Enter your email address:

Ask any question to expert on eTI community..
Welcome, Guest. Please login or register.
Did you miss your activation email?
February 23, 2019, 08:52:50 PM

Login with username, password and session length
Recent Replies
[February 23, 2019, 05:54:55 PM]

[February 23, 2019, 02:09:57 PM]

[February 23, 2019, 01:15:57 PM]

[February 23, 2019, 01:10:16 PM]

[February 23, 2019, 01:07:52 PM]

[February 23, 2019, 01:06:55 PM]

[February 23, 2019, 01:05:00 PM]

[February 23, 2019, 01:04:28 PM]

[February 23, 2019, 01:03:45 PM]

[February 23, 2019, 01:02:08 PM]
Yoindia Shayariadab Copyright © MGCyber Group All Rights Reserved
Terms of Use| Privacy Policy Powered by PHP MySQL SMF© Simple Machines LLC
Page created in 0.158 seconds with 25 queries.
[x] Join now community of 48360 Real Poets and poetry admirer