मेरी साँसों से जुडी हो तुम -रस्तोगी

by Ram Krishan Rastogi on February 10, 2018, 12:25:30 PM
Pages: [1]
ReplyPrint
Author  (Read 277 times)
Ram Krishan Rastogi
Yoindian Shayar
******

Rau: 52
Offline Offline

Gender: Male
Waqt Bitaya:
25 days, 5 hours and 32 minutes.

Posts: 3649
Member Since: Oct 2010


View Profile
Reply with quote
मेरी साँसों से जुडी हो तुम
मेरे दिल में बसी हो तुम
इतनी पास रह कर भी मेरे
बात करती क्यों नहीं तुम ?

कौन सा गम तुमको खाता रहा
क्यों विश्वास तुमको आ नहीं रहा
दिल पर हाथ रख कर कह दो
मुझ से प्यार नहीं करती हो तुम

चाँद की चांदनी कह रही तुमसे
सूरज की किरणे कह रही तुमसे
हम दोनों ही मिलते सनम से
चाहे कितने फासले हो प्रियतम से

प्रक्रति का यह अटूट नियम है
बनाये उसने सबके ही सनम है
फिर ये दुनिया कैसे चलेगी ?
जब मिलन नहीं होगा सनम से

दिन रात भी संध्या में मिलते
फूल और भौरे बागो में मिलते
जीवन का आनंद लेने के लिए
भौरे स्वयं को कली में बंद कर लेते

कितनी सच्चाई बताई है तुमको
कोई बात नहीं छिपाई है तुमको
जान कर भी अनजान बनी हो तुम
क्या संशय हो रहा है अब तुमको

प्रयतक्ष को कोई प्रमाण नहीं है
झूठ के पाँव कोई  होते नहीं है
सत्य हमेशा सत्य ही रहेगा
ये मानने से इन्कार नहीं है

फिर भी असमंजस में पड़ी हो तुम
अपनी जिद पर अडी हो तुम
जिद छोडो सच्चाई मानो तुम
अब गले लग जाये हम तुम

मानव जीवन मिलता नहीं दुबारा
ये मिलता है जीवन में एक बारा
इसको तुम व्यर्थ क्यों गवाती हो ?
जीवन को क्यों नरक बनाती हो ?

पक्षी भी संध्या को आ जाते है
अपने घौसलो में आराम करते है
फिर क्यों तुम अलग थलग हो ?
क्यों नहीं जीवन का आनंद उठाती हो

देखो!आकाश में बिजली कडक रही है
गरजते बादलो से कुछ कह रही है
बरस जाओ अब जल्दी तुम  
धरती की प्यास बुझा दो तुम

बचपन भी खत्म हो रहा है
जवानी से कुछ कह रहा है
योवन को यू नष्ट न करो तुम
इसका सही उपयोग करो तुम

क्यों नर और नारी बने है
क्यों स्त्री और पुरष बने है
क्यों प्रक्रति पगाल बनी है
इस बात को समझाओ तुम
 
झरने भी झर झर कर कहते
नदियों से सैदव कहते रहते
हमारा अस्तित्व तभी तक
जब तक तुमसे नहीं मिलते

नदिया भी कल कल करके कहती
हम तो मैदानों में बहती रहती
पर जब सागर से संगम होता
हमारा अस्तित्व समाप्त होता

संगम तो एक पुन्य काम है
ये पाप कभी नहीं कहलाता
जहा गंगा यमुना सरस्वती मिलती
वह तीर्थ स्थान बन जाता      

 

  
Logged
surindarn
Mashhur Shayar
***

Rau: 245
Offline Offline

Waqt Bitaya:
84 days, 4 hours and 32 minutes.
Posts: 16310
Member Since: Mar 2012


View Profile
«Reply #1 on: February 10, 2018, 04:35:55 PM »
Reply with quote
waah waah waah.
 Thumbs UP Applause Applause Applause Applause Applause Applause Applause
Logged
Ram Krishan Rastogi
Yoindian Shayar
******

Rau: 52
Offline Offline

Gender: Male
Waqt Bitaya:
25 days, 5 hours and 32 minutes.

Posts: 3649
Member Since: Oct 2010


View Profile
«Reply #2 on: February 11, 2018, 09:57:18 AM »
Reply with quote
श्री सुरिन्द्रण जी शुक्रिया
Logged
Pages: [1]
ReplyPrint
Jump to:  

+ Quick Reply
With a Quick-Reply you can use bulletin board code and smileys as you would in a normal post, but much more conveniently.


Get Yoindia Updates in Email.

Enter your email address:

Ask any question to expert on eTI community..
Welcome, Guest. Please login or register.
Did you miss your activation email?
August 19, 2018, 08:52:38 AM

Login with username, password and session length
Recent Replies
Yoindia Shayariadab Copyright © MGCyber Group All Rights Reserved
Terms of Use| Privacy Policy Powered by PHP MySQL SMF© Simple Machines LLC
Page created in 0.176 seconds with 24 queries.
[x] Join now community of 48302 Real Poets and poetry admirer