ज़िन्दगी सादा-सहज हो ...............

by yati_om on June 04, 2010, 09:43:28 PM
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ज़िन्दगी सादा-सहज हो कुछ बनावट कम तो हो
प्रेम फैले, नफरतों का शोर  कुछ मद्धम  तो हो

बात  हम  अपने  पड़ोसी  से  करें  कैसे  शुरू
कुछ फ़िजा का रंग बदले कुछ नया मौसम तो हो

सीख लेंगे  लोग इक दूजे पे देना जान भी
रहनुमा के हाथ में ऐसा कोई परचम तो हो  

मुश्किलें  दिखलाएंगी खुद  मंज़िलों का रास्ता
हौसला तो हो दिलों में, बाज़ुओं में दम तो हो

तार  दिल  के जोड़कर रखना ज़माने  से  ज़रूर
जब किसी के अश्क निकलें आँख तेरी नम तो हो  

                      ओमप्रकाश यती
 


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«Reply #1 on: June 04, 2010, 09:44:04 PM »
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ज़िन्दगी सादा-सहज हो कुछ बनावट कम तो हो
प्रेम फैले, नफरतों का शोर  कुछ मद्धम  तो हो

बात  हम  अपने  पड़ोसी  से  करें  कैसे  शुरू
कुछ फ़िजा का रंग बदले कुछ नया मौसम तो हो

सीख लेंगे  लोग इक दूजे पे देना जान भी
रहनुमा के हाथ में ऐसा कोई परचम तो हो  

मुश्किलें  दिखलाएंगी खुद  मंज़िलों का रास्ता
हौसला तो हो दिलों में, बाज़ुओं में दम तो हो

तार  दिल  के जोड़कर रखना ज़माने  से  ज़रूर
जब किसी के अश्क निकलें आँख तेरी नम तो हो  

                      ओमप्रकाश यती
 


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«Reply #2 on: June 04, 2010, 09:44:49 PM »
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ज़िन्दगी सादा-सहज हो कुछ बनावट कम तो हो
प्रेम फैले, नफरतों का शोर  कुछ मद्धम  तो हो

बात  हम  अपने  पड़ोसी  से  करें  कैसे  शुरू
कुछ फ़िजा का रंग बदले कुछ नया मौसम तो हो

सीख लेंगे  लोग इक दूजे पे देना जान भी
रहनुमा के हाथ में ऐसा कोई परचम तो हो  

मुश्किलें  दिखलाएंगी खुद  मंज़िलों का रास्ता
हौसला तो हो दिलों में, बाज़ुओं में दम तो हो

तार  दिल  के जोड़कर रखना ज़माने  से  ज़रूर
जब किसी के अश्क निकलें आँख तेरी नम तो हो  

                      ओमप्रकाश यती
 


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«Reply #3 on: June 05, 2010, 01:29:16 AM »
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ज़िन्दगी सादा-सहज हो कुछ बनावट कम तो हो
प्रेम फैले, नफरतों का शोर  कुछ मद्धम  तो हो

बात  हम  अपने  पड़ोसी  से  करें  कैसे  शुरू
कुछ फ़िजा का रंग बदले कुछ नया मौसम तो हो

सीख लेंगे  लोग इक दूजे पे देना जान भी
रहनुमा के हाथ में ऐसा कोई परचम तो हो   

मुश्किलें  दिखलाएंगी खुद  मंज़िलों का रास्ता
हौसला तो हो दिलों में, बाज़ुओं में दम तो हो

तार  दिल  के जोड़कर रखना ज़माने  से  ज़रूर
जब किसी के अश्क निकलें आँख तेरी नम तो हो 

                      ओमप्रकाश यती
 




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