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- Jab Jaayein,.
- तुम्हारे बिना ,,,, saahill
- शायद तुम ,,,,saahill
- मोहब्बत महक रही है ,,,, saahill
- हम भी ,,,, saahill
- तुम्हारा जिक्र ,,,saahill
- बहुत मुश्किल ,,,saahill
- जिस अंदाज से ,,,,, saahill
- हम रात भर यूहीं तड़पते रहे
- ताकता कोई नहीं हैरत में
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Jab Jaayein, To Mukammal Jaayein,. Yun Khwaabon Mein Aakar Na Sataayein,.
Jab Kuch Bhi Nahi Hai Darmiyaan Apne,. To Humdardiyaan Bhi Na Jataayein,.
Ek Ek Khatre Ko Tarse Hain, Bichardke Hum,. Mil Bhi Jaayein To Kuch Na Barsaayein,.
Jab Jaayein, To Mukammal Jaayein,. Yun Khwaab...
तुम्हारे बिना भी हम सांस ले सकते हैं ,,,, बस दिक्कत तो जीने की है
शायद तुम वहीं बात हो ,,, जो मैं सिर्फ खुद से करता हूं
मोहब्बत महक रही है मुलाकात के बाद ,,,, पता नहीं तुम्हे गले लगाया था यां इत्र को
हम भी सांसों से जी लेते ,,,, अगर हमें तुम्हारी आदत ना होती
तुम्हे कैसे बता दूं अपने गम की वजह ,,, मैने तो अपने दिल से भी तुम्हारा जिक्र नहीं किया
बहुत मुश्किल था उसे यह समझाना ,,,, के हम उसे कितना समझते हैं
जिस अंदाज से आपने खंजर पकड़ा था ,,,,, हमने खुद ही जान आपकी हथेली में रख दी
*हम रात भर यूही तड़पते रहे*
बादल सारी रात गरजते रहे। हम रात भर यूहीं तड़पते रहे।।
बादल आस्मां से बरसते रहे। हम रात भर यूंही तरसते रहे।।
बिजली बादलों में चमकती रही। बिंदिया मस्तक पर दमकती रही।।
बारिश के साथ ओले गिरते रहे। हम अकेले ठंड में सिकुड़ते रहे।।
वे झूठे ख्वाब मुझे दिखाते रहे...
ताकता कोई नहीं हैरत में हर कोई स्टार है अपनी छत में
कुछ न कुछ चलता है मोबाइल पर लोग ख़ाली हैं बहुत ख़ल्वत* में *अकेले होने की अवस्था
शायरी के निकल आए हैं मसल पर इज़ाफ़ा न हुआ सेहत में
फ़ेम प्रॉपर्टी व ट्रॉफ़ी वाइफ़ तूने माँगा है यही मन्नत में...
*ज़ब ज़ब मनुष्य का विश्वास कम हुआ*
ज़ब ज़ब मनुष्य का विश्वास कम हुआ। तब तब नई नई चीजों का जन्म हुआ।।
ज़ब ज़ब मनुष्य को चोरी का अंदेशा हुआ। तब तब नये नये दरबाजो का जन्म हुआ।।
ज़ब ज़ब मनुष्य विश्वास पर आघात हुआ। तब तब नये नये ताले चाबी का जन्म हुआ।।
ज़ब ज़ब विश्वास का पूरा दफन हुआ। तब सीसी टीवी ...
नज़्म - पंगा
पंगे में भी पड़ना सीखो बात पे अपनी अड़ना सीखो हारे क्यूँ हो लड़ना सीखो आख़िर कब तक चुप रहना है सहने से अच्छा कहना है
सदक़े जिनके तुमने उतारे ग़लती उनकी सर पे तुम्हारे तुम डूबे हो और वो तारे मुर्दे जैसा क्यूँ बहना है सहने से अच्...
ना ढूंढ कोई वफ़ादार इस दुनिया मे, पहले ख़ुद वफ़ादार बन तू दुनिया मे। वफादार तो तेरी औलाद भी न निकली, जिसको जन्म दिया तूने इस दुनिया मे।।
पैसे के है सभी मीत इस भरी दुनिया मे, कोई किसी का नही इस भरी दुनिया मे। पैसा होगा तेरे पास सभी मीत बन जायेगे, अजमा के देख ले इस बात को दुनिया मे।।
आर के रस...
*धुएं से धुआँ से हो रही है जिन्दगी*
धुएँ से धुआँ हुई है,अब जिंदगी , तम्बाकू से बर्बाद हुई है जिंदगी | बचना चाहते हो अगर तुम इससे , तम्बाकू छोड़ो बचा लो ये जिंदगी ||
धुआँ राख़ कर रहा है ये जिंदगी , मिला रहा है ये ख़ाक में जिंदगी | बंद करो उड़ाना तुम इस धुएँ को , वरना ख़त्म हो जायेगी ये जिंदगी ...
पूरी तो ख़ैर कोई भी ख़्वाहिश नहीं हुई उस पर क़नाअतों* की सताइश** नहीं हुई *संतोष **प्रशंसा
अलबत्ता रौशनी तो हमारे ख़िलाफ़ थी पर हमसे तीरगी* की सिफ़ारिश नहीं हुई *अँधेरा
सबसे अज़ीज़ आरज़ू दिल में सँभाल ली उस पर किसी के मेहर की बार...
*धरा पर ही धरा रह जायेगा*
इस धरा से कुछ नही ले जायेगा, सब धरा पर ही धरा रह जायेगा। कर ले कुछ नेक काम इस धरा पे नेक काम ही इस धरा से जायेगा।
धरा ही आज हमारी धरोहर है, इसके बराबर कोई न धरोहर है। धरा न होती तो जीवन न होता, प्राणियों के यही बड़ी धरोहर है।।
धरा के लिए सब आज लड़ रहे है, एक...
धरा मे सब खनिज पदार्थ गड़े है, इसलिय सभी इसके पीछे पडे है। धरा के बराबर कोई भी लोक नही इसमें ही केवल सोना चांदी जड़े है।।
उसने कम सोचा मगर मैंने ज़ियादा सोचा बेवफ़ा हो गया जब तक कोई वादा सोचा
कोई इल्ज़ाम है क्या वो है ज़माने की तरह मेरी ही सादा-दिली थी उसे सादा सोचा
चाहता हूँ कि मुझे आए वो रह-रह के ख़याल जब भी आया है तो हर बार ही आधा सोचा
मयकदा मान के दुनिया से निभाया मैं...
यह पल,
दोस्तों से मिलने पर खिंच जाता है,
खुशियाँ देते-देते सिमट जाता है।
दुख के मौसम में ठहरा-सा लगता है,
लेकिन यह पल—पलक झपकते ही बीत जाता है।
बारिश गिरने पर भीग जाता है,
सूरज निकलते ही रोशनी बटोरता है।
चाँदनी रात में सुकून-सा लगता है,
लेकिन तुम्हें भी पता है—
यह पल, पल...
मोहलत भी ज़िंदगी ने दी गिनकर ग़ुलाम को जैसे कि फ़ोन बॉस का संडे की शाम को
फिर ये पता लगा कि वो कॉन्ट्रैक्ट ही तो था और हम वुजूद मान के बैठे थे काम को
उजलत* से वक़्त आने पे उसने भुला दिया मुश्किल से जिसने याद किया मेरे नाम को *जल्दी
यारों ने आते-आत...
Laut Aati Hain Wo Tareeqein,. Magar Wo Din Laut Kar Nahi Aate,.
May Allah Bless You,. Happy Belated Birthday
तुम्हे तो हम मोहब्बत कहते रहे ,,,, तुम तो हमारी ज़िंदगी निकले
कोई पूछे तुमसे तुम्हारा पता तो खामोश रहना ,,,, तुम्हारे सिवा कोई मेरे दिल तक पहुंचे यह ग्वारा नहीं
कोई दवा तो बता रोग ए इश्क की ,,,, मर्ज भी बढ़ जाए और आराम भी आ जाए
मेरे टूट जाने की हद तो देखो ,,,, सांसें सिमटी मगर ज़िंदगी बिखरी हुई है
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