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Original Quotes of Yoindians

Meethhaa khaao to munh hee meethhaa hotaa hai zuban nahin
Sahib zuban to meethhee kehlaatee hai meethhaa bolne hee se...

Posted by:surindarn
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Hello dosto,

Main hoo lekhak Asif Biswas aur aap sabka kuch samay lete huye ye batana chahta hu ki...

Pichle 1 dashak se kahaniya likhne ke baad khastaur se yoindia par ab maine kuch naye andaaz mein kahani ko na hi sirf likhkar Balki unhe apni awaz dekar audio story ke madh...
तुम्हारा जिक्र क्या किया दिल से ,,,,
   दिल हमारा जिक्र ही नही करता
Kal halki halki barish thi
Kal sard hawa ka raqs bhi tha
Kal phool bhi nikhray nikhray thay
Kal un pe aap ka aks bhi tha
Kal badal kalay gehray thay
Kal chand pay lakhon pahray thay
Kuch tukray aap ki yaad kay
Bari dair say dil main thehray thay
Kal yaadain ul...
मेरी कलम ज़रा खामोश क्या हुई ,,,,
    तुम्हारे खयाल बहुत शोर करने लगे
किसमे देखूं खुद को मैं ,,,,,,
    आइने में तो तुम नजर आते हो
तुम्हारा जिक्र करना जरूरी था ,,,,,
    अपने दिल से मुलाकात थी आज
तन्हा छोड़ दो कुछ पल के लिए ,,,,
   मुझे खुद से मुलाकात करनी है
यह तलाश शायद अब खत्म न हो ,,, 
    तुम्हे पाया नही खुद को खो दिया
कभी जानने की कोशिश कर हाल मेरा ,,
    मैं गम भी हस्ते हुए लिखता हूं


Kabhi Kabaar, Khwaabon Mein Tum Aa Hi Jaate Ho,.
Koshishein Ab Bhi Karta Hoon Tumhe Bhool Jaane Ki,.

Aksar Jo Mere Paas Sote Hain, Unhe Shikayat Rehti Hai,.
Ki Neend Mein Bhi Tumhara Hi Naam Pukaarta Hoon,.

Ye Haadsa,
Nahi Hona Tha
...
faslay qurb ki pehchan huwa kartay hein
be sabab log preshan huwa kartay hein
yah haqeeqat hay jahan toot kar chaha jay
wahan bicharnay kay imkan huwa kartay hein
Jaan Pe Jaan Ko Warna Padta
Ishq Me Dil Ko Harna Padta

Kahte Hain Aag Ka Dariya Hai Ye
Pyar Me Khud Ko Marna Padta

Written by Syed Iqtedar Hussain
[/color][/b]
फिर वही ज़िंदगी फिर मौत का ये फेरा है
गुम न हो जाना यहाँ पर बोहोत अंधेरा है
चाँद तारों की छिड़ी बात तो किसी ने कहा
वो तारा तेरा है और ये चाँद मेरा है

मेरे दर पर मेरे नाम की तख्ती जो मिली
वो समझ बैठा यहीं पर मेरा बसेरा है
इल्म तो उसको भी ये होगा कभी न कभी
रात छोटी है यहाँ बसने को, खड़ा सवेर...
Dosto kaise hai aap? Main Asif haazir hua hoo apni ek nayi daastan ke saath jo 2024 ki meri pehli likhi story hone jaa rahi hai, is baar maine bedard ka sequel likha hai jo kahani 2018 romantic crime thriller thi, uske baad jo do crime thriller series likhi "anjaan" aur "Firaaq" unka is kahani se mi...
Hain guzre hove afsaan-e muhabbat men hikayaten har sad
Phir dil hi par zakhm kyon khate hain ashik har sad

Marna hi tha usse so mar gaya dil-e nadaan
Phir bhi tere zikr par ye dil dhadakta hai kyon kar

Abul Asad

हमने सारी ही घूम ली दुनिया
घर में लौटे हैं तब मिली दुनिया

कभी अच्छी कभी बुरी दुनिया
हम थे जैसे हमें लगी दुनिया

हमने इक शाम बाम पर आकर
अपने इक जाम में भरी दुनिया

मैंने तेरे इवज़ अकेलापन
तूने मेरे इवज़ चुनी दुनिया

एक कौन्ट्रैक्ट ह...
किताब पुछे पन्नों से
इतना क्यों फ़डफ़डा रहे हो?
औकाद क्या तुम्हारी, कागज के पुतलों?

पन्ने तिलमिलाये, बोले -
हमारी औकाद से होना बेहतर वाकिफ़
सिमटे है हम एक जगह, तो है तेरी ये मस्ती,
जो बिखर गये हम तो मिटेगी तेरी हस्ती.

पन्ने छेडने लगे वाक्यों को ...
लहरों की तरह जज़्बात भी होते हैं
गिरते उठते हँसते और रोते हैं
जीवन की मंज़िल मौत के धागे से
जुड़कर फिर से जीवन ही होते हैं

हर मौज में इतना शोर के सन्नाटे
आराम से गहराई में सोते हैं

कुछ कहती है हर बूँद ये जीवन की
कुछ शख्स यहाँ पहचान के होते हैं

आवाज़ नहीं होती गहराई में
ऐसे ही तो ...
याद आती जो तेरी तुझसे मिलने आ जाता
तुम मेरे साथ ही रहते हो तो क्या याद करूँ
भूल जाने की कोई बात कहाँ बनती है
याद आते नहीं क्या ये बड़ा सुबूत नहीं

बात बनती है बनाता हूँ जहां तक हो सके
मेरी फितरत ही ऐसी है तो मैं क्या ही करूँ
वैसे चुप रहता हूँ कहता हूँ मैं तो कुछ भी नहीं
मुझको छेड़ोगे कह...
आजकल हम भी तेरी उल्फतों में रहते हैं
बारहा चारों पहर मयकदों में रहते हैं
नज़्म, शेरों में ग़ज़ल में और मिसरों में
तेरी  बातों के कई शायरों में रहते हैं

तेरे रुखसार पे जो तिल की तरह दिखता है
ये तेरे हुस्न की ही ख़िदमतों में रहते हैं

रौशनी के लिए हम छत पे खड़े हैं कबसे
चाँद के साथ हम भी ज़...
Kuch nami si hai,
Kuch kami si hai..
Khair chodho, tum batao..
Sab thik hain?

Dard hai dil mein,
Sard mehfil mein,
Khair chodho, tum batao
Sab thik hain?

Yaad aati hai
Be-baat aati hai
Khair chodho, tum batao
Sab thik hain?
Hi all. I am Aroon. I was searching a good poetry community and finally landed to yoindia. Hope to share and read many new poetry.     

जंगल में शबरी के झूठे बेर को सस्नेह पूर्वक खाना
दुश्मन को युद्ध से पहले ही चरणों में अपने गिराना
दिल में ज़रा भी नफरत माँ कैकई के लिए न लाना  
भाईयों को अपने अपनी पलकों पर पल पल बैठाना  
बिना किसी भेद भाव न्याय प्रणाली को राज्य में चलाना
...
हुस्न तेरा ये कोहिनूरी है
अब्र की शिद्दतें भी पूरी हैं .... (अब्र = बादल, शिद्दत  = intensity)
दिल संभाले तो कोई कैसे बता
कुछ तो कहना तुझे ज़रूरी है

ये चमक है तेरा सुरूर-ए-नशा  .... (सुरूर = toxic)
आँख तेरी ये चश्म-ए-नूरी है  .... (चश्म-ए-नूरी = प्रकाश सी नज़र )
देख अपनी नज़र को देख ज़रा
देख...
Rakh diya Girbee,, Khud ko unki mohabbat ke liye...

Aur woh hai ki tadapte Hain kisi aur ki mohabbat ke liye...
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