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Original Quotes of Yoindians

Meethhaa khaao to munh hee meethhaa hotaa hai zuban nahin
Sahib zuban to meethhee kehlaatee hai meethhaa bolne hee se...

Posted by:surindarn
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पूरी तरह से थककर आराम है मुकम्मल
कहते हैं काम अपना इनआम है मुकम्मल

चाहा है दोस्तों को दीवानगी की हद तक
मुझपर ये दुश्मनों का इल्ज़ाम है मुकम्मल

इस ज़ीस्त* को मुकम्मल करते हैं चंद लम्हे
वरना तो कौन सा दिन या शाम है मुकम्मल
*जीवन

मंज़िल की जुस्तुजू ह...
मैं तुम्हारा हूं ,,
     तुम्हे भी बताना पड़ता है
शोहरत का मुझसे दाम चुकाया न जाएगा
तो क्या हुआ कि नाम कमाया न जाएगा

मैंने भी उसका हाल न पूछा ये सोचकर
उससे भी अपना हाल सुनाया न जाएगा

हमने बरामदे में जो पौधा उगा लिया
गमले में रखके पेड़ बनाया न जाएगा

इक रोज़ इसमें बर्गो-समर फिर न आएँगे
लेकिन शजर को...
वो चाय की शौकीन थी ,,,,
    हमें शराब लगा गई
तुम किसी में भी नहीं थे ,,,,,
     मैने हर एक लकीर देखी हाथ की
तुमने जो खामोशी से दिल तोड़ा था ,,,,
     उसका शोर अभी भी है
*सावन माह की विशेषता*

सावन मे ज़ब भी बादल आते,
साजन का सन्देशा भी वे लाते।
सन्देशा ज़ब मै उनका पढ़ती,
आँखो से आंसू मेरे आ जाते ।।

सावन मे ज़ब नन्नी नन्नी बुँदे पडती,
वे भी साजन के मन की बातें कहती।
मै ध्यान लगाकर उनको सब सुनती,
फिर साजन आने के सपने मै बुनती।।

सावन मे सूरज कहाँ छिप जाता,
...
तुम यूँ ही तलाशते रहे कागज़ पर खुद को ,,,
    हमने तुम्हे अपने दिल पर लिखा है
कागज पर मुमकिन नहीं थी तारीफ तुम्हारी ,,,,
    हमने अपने दिल पर तुम्हे हसीन लिख दिया
तुम्हारे बिना जीना मुमकिन नहीं  है ,,,,
    हमेशा सांसों की बात मत किया करो
देखते हैं तन्हा रह कर कभी ,,,
     शायद खुद से मुलाकात हो जाए
तुमने बात दिल पर लगा दी ,,,,,
    बस यही बात दिल पर लग गई
तुमने कभी खुद को नहीं देखा शायद ,,,
     यकीन करो तुम खुद से  ज्यादा खूबसूरत हो
बिना जाम के कदम बहक जाते हैं ,,,,
    तुम्हे नशा ना कहूँ तो क्या कहूं
कैसे बताऊं हर किसी को मेरा पता ठिकाना  ,,,,,
    तुम्हारा दिल है कोई गली मोहल्ला नहीं
शाइर को दुआ

रोज़ तेरे क़लम में धार आये
रोज़ तुझको किसी पे प्यार आये
रोज़ एहसास की घटा उमड़े
रोज़ जज़्बात की फुहार आये
रोज़ ग़ुंचा ख़याल का चटके
रोज़ अल्फ़ाज़ पर बहार आये
रोज़ महके हुए क़वाफ़ी हों
रोज़ अशआर पर निखार आये
रोज़ महबूब का तसव्वुर हो
...
तुम्हे खोने के डर से हमने ,,,,,
    तुम्हे पाने की जिद छोड़ दी
*पत्नि के पर्यायवाची शब्दों पर कविता*

जो पत्नि का धर्म निभाए उसे धर्मपत्नी कहते है।
जो जीवन भर तुम्हारे साथ रहे उसे जीवनसंगनि कहते है।
जो गृह क़ो अच्छी तरह चलाये उसे गृहणि कहते है।
जो केवल घर मे रहे उसे घरवाली कहते है।
जो जोर जोर से बोले उसे जोरू कहते है।
जो अपने ब...
*योग या दिखावा*

जंग फ़ूड का जो करते उपयोग,
उनका भला नही करे कोई योग।
जो खाते है  स्वच्छ सादा भोग,
उनका भला करता सैदेव योग।।

एक दिन योग करने से कुछ न होगा,
नित्य नियम से रोजाना करना होगा।
इसको बनाओ अपने जीवन की शैली,
तब कहीं इसका अधिक फायदा होगा।।

योग के बहाने दिखावा करते है लोग,
सच्ची...
चल रही है हाए-बाए फ़ोन पर
हमने सब रिश्ते निभाये फ़ोन पर

इक वही जाने कि घर लौटा हूँ मैं
आ गया है वाए-फ़ाए फ़ोन पर

कितने ही अपने पराये हो गये
नाम किस-किस के हैं पाये फ़ोन पर

सब के सब हर फ़न के मौला हो गये
जबसे ए.आए को लाये फ़ोन पर

इतन...
हमसे मिलना हो तो ख्यालों में आना पड़ेगा ,,,,
     मुलाकात के लिए वही जगह मुकर्रर की है
मेरी आँखों का नशा टूट रहा है ,,,,
        तुमसे नजरें मिलाना अब जरूरी  है
डूब जाना तय था मेरा  ,,,
     उसकी आँखें बहुत गहरी थी
बहकना और महकना जायज़ है शायद ,,,,
    तुम्हारी इत्र जैसी मोहब्बत में नशा भी है
सुब्ह कोलगेट से जागे हम लोग
सर पे बाटा लिेए भागे हम लोग

रेस में आगे निकलना था हमें
ईएमाए पीछे है आगे हम लोग

झूठ सोने से चमकते हैं यहाँ
और सोने पे सुहागे हम लोग

एक चादर है सभी के ऊपर
खोलते उसके ही धागे हम लोग

कुछ सुनहरे हिरनों के पीछे
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