एक ख़्वाब ऐसा

by Sanskari Swami on January 12, 2020, 05:46:17 AM
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Sanskari Swami
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आज अधूरा जो ख़्वाब है, कल को पूरा करना है
एक सुनहरा सपना जो देखा था, हक़ीक़त बना सजाना है
तेरे आँगन वाली बगिया में भी एक एक फूल खिलाना है
भंवरा बन कर आगे पीछे साथ जीवन भर देना है
बन बसंत तेरे जीवन की बगिया को भी महकाना है
बचपन वाली बातों जैसे परियों का देश बनाना है
तेरे लिए मुझे हर जन्म पागल सा भेष बनाना है
खुशियों का कुछ पता नहीं, हर गम में साथ निभाना है
पल पल रोती अखियों से हर एक आंसू को चुराना है!
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surindarn
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«Reply #1 on: January 12, 2020, 08:45:02 PM »
आज अधूरा जो ख़्वाब है, कल को पूरा करना है
एक सुनहरा सपना जो देखा था, हक़ीक़त बना सजाना है
तेरे आँगन वाली बगिया में भी एक एक फूल खिलाना है
भंवरा बन कर आगे पीछे साथ जीवन भर देना है
बन बसंत तेरे जीवन की बगिया को भी महकाना है
बचपन वाली बातों जैसे परियों का देश बनाना है
तेरे लिए मुझे हर जन्म पागल सा भेष बनाना है
खुशियों का कुछ पता नहीं, हर गम में साथ निभाना है
पल पल रोती अखियों से हर एक आंसू को चुराना है!
bat hee achhaa Ehsaas hai. Rao ke saath daad. Thumbs UP
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keep coming You will do good.
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