चाहिए जिन हाथो में किताबे,वहा पत्थर होता है --आर के रस्तोगी

by Ram Krishan Rastogi on June 08, 2018, 10:47:36 PM
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कुत्ता बेजुबान होकर भी,वह वफ़ादार होता है
इंसान में जुबान होकर भी,वह बेवफादार होता है

चाहिए जिन हाथो में किताबे,वहा पत्थर होता है  
रोके जो भी सैनिक उनको,वह गुनाहगार होता है  

करे जो मुल्क की खिलाफत,वह गद्दार होता है
करे जो मुल्क की हफाजत,वह पहरेदार होता है

करे न कोई काम मुल्क के लिये वह बेकार होता है
करे जो चारो तरफ चौकसी,  वह पहरेदार होता है

करे कोई काम बन्दा छोटा बड़ा वह रोजगार होता है
मिले न कोई काम किसी को वह बेरोजगार होता है

रस्तोगी लिख अच्छी गजल, उसका कुछ तो असर होता है
करता है जो काम मेहनत से,उसका काम असरदार होता है

आर के रस्तोगी
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«Reply #1 on: June 09, 2018, 07:47:11 PM »
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कुत्ता बेजुबान होकर भी,वह वफ़ादार होता है
इंसान में जुबान होकर भी,वह बेवफादार होता है

चाहिए जिन हाथो में किताबे,वहा पत्थर होता है 
रोके जो भी सैनिक उनको,वह गुनाहगार होता है 

करे जो मुल्क की खिलाफत,वह गद्दार होता है
करे जो मुल्क की हफाजत,वह पहरेदार होता है

करे न कोई काम मुल्क के लिये वह बेकार होता है
करे जो चारो तरफ चौकसी,  वह पहरेदार होता है

करे कोई काम बन्दा छोटा बड़ा वह रोजगार होता है
मिले न कोई काम किसी को वह बेरोजगार होता है

रस्तोगी लिख अच्छी गजल, उसका कुछ तो असर होता है
करता है जो काम मेहनत से,उसका काम असरदार होता है

आर के रस्तोगी
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waah waah bahut umdaa, dheron daad.
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«Reply #2 on: June 10, 2018, 01:59:03 AM »
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Shri surindran ji Shukriya
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With a Quick-Reply you can use bulletin board code and smileys as you would in a normal post, but much more conveniently.


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