चाहिए जिन हाथो में किताबे,वहा पत्थर होता है --आर के रस्तोगी

by Ram Krishan Rastogi on June 08, 2018, 10:47:36 PM
Pages: [1]
ReplyPrint
Author  (Read 142 times)
Ram Krishan Rastogi
Yoindian Shayar
******

Rau: 57
Offline Offline

Gender: Male
Waqt Bitaya:
26 days, 4 hours and 37 minutes.

Posts: 3819
Member Since: Oct 2010


View Profile
Reply with quote
कुत्ता बेजुबान होकर भी,वह वफ़ादार होता है
इंसान में जुबान होकर भी,वह बेवफादार होता है

चाहिए जिन हाथो में किताबे,वहा पत्थर होता है  
रोके जो भी सैनिक उनको,वह गुनाहगार होता है  

करे जो मुल्क की खिलाफत,वह गद्दार होता है
करे जो मुल्क की हफाजत,वह पहरेदार होता है

करे न कोई काम मुल्क के लिये वह बेकार होता है
करे जो चारो तरफ चौकसी,  वह पहरेदार होता है

करे कोई काम बन्दा छोटा बड़ा वह रोजगार होता है
मिले न कोई काम किसी को वह बेरोजगार होता है

रस्तोगी लिख अच्छी गजल, उसका कुछ तो असर होता है
करता है जो काम मेहनत से,उसका काम असरदार होता है

आर के रस्तोगी
मो 9971006425 
Logged
surindarn
Mashhur Shayar
***

Rau: 252
Offline Offline

Waqt Bitaya:
90 days, 7 hours and 11 minutes.
Posts: 18385
Member Since: Mar 2012


View Profile
«Reply #1 on: June 09, 2018, 07:47:11 PM »
Reply with quote
कुत्ता बेजुबान होकर भी,वह वफ़ादार होता है
इंसान में जुबान होकर भी,वह बेवफादार होता है

चाहिए जिन हाथो में किताबे,वहा पत्थर होता है 
रोके जो भी सैनिक उनको,वह गुनाहगार होता है 

करे जो मुल्क की खिलाफत,वह गद्दार होता है
करे जो मुल्क की हफाजत,वह पहरेदार होता है

करे न कोई काम मुल्क के लिये वह बेकार होता है
करे जो चारो तरफ चौकसी,  वह पहरेदार होता है

करे कोई काम बन्दा छोटा बड़ा वह रोजगार होता है
मिले न कोई काम किसी को वह बेरोजगार होता है

रस्तोगी लिख अच्छी गजल, उसका कुछ तो असर होता है
करता है जो काम मेहनत से,उसका काम असरदार होता है

आर के रस्तोगी
मो 9971006425

waah waah bahut umdaa, dheron daad.
 Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP
 Applause Applause Applause Applause Applause Applause Applause Applause
Logged
Ram Krishan Rastogi
Yoindian Shayar
******

Rau: 57
Offline Offline

Gender: Male
Waqt Bitaya:
26 days, 4 hours and 37 minutes.

Posts: 3819
Member Since: Oct 2010


View Profile
«Reply #2 on: June 10, 2018, 01:59:03 AM »
Reply with quote
Shri surindran ji Shukriya
Logged
Pages: [1]
ReplyPrint
Jump to:  

+ Quick Reply
With a Quick-Reply you can use bulletin board code and smileys as you would in a normal post, but much more conveniently.


Get Yoindia Updates in Email.

Enter your email address:

Ask any question to expert on eTI community..
Welcome, Guest. Please login or register.
Did you miss your activation email?
January 21, 2019, 01:06:31 PM

Login with username, password and session length
Recent Replies
[January 21, 2019, 08:30:26 AM]

[January 21, 2019, 05:57:43 AM]

[January 21, 2019, 03:00:54 AM]

[January 21, 2019, 02:22:25 AM]

[January 20, 2019, 08:06:35 PM]

[January 20, 2019, 08:01:07 PM]

[January 20, 2019, 07:24:22 PM]

[January 20, 2019, 01:15:42 PM]

[January 20, 2019, 01:09:02 PM]

[January 20, 2019, 01:08:20 PM]
Yoindia Shayariadab Copyright © MGCyber Group All Rights Reserved
Terms of Use| Privacy Policy Powered by PHP MySQL SMF© Simple Machines LLC
Page created in 0.145 seconds with 24 queries.
[x] Join now community of 48346 Real Poets and poetry admirer