कड्यै गऐ बचपन के मित्र. पाटी कच्छी टुटे लित्र.

by RAJ SOLANKI on November 13, 2013, 05:49:25 PM
Pages: [1]
ReplyPrint
Author  (Read 370 times)
RAJ SOLANKI
Shayari Qadrdaan
***

Rau: 16
Offline Offline

Gender: Male
Waqt Bitaya:
8 days, 9 hours and 13 minutes.
Posts: 230
Member Since: Feb 2013


View Profile
Reply with quote
कड्यै गऐ बचपन के मित्र.
पाटी कच्छी टुटे लित्र.
मैस्सयां गेल्यां गऐ जोहड पै
काडी कच्छी बडगे भित्तर
माचिस के ताश बणाया करदे
नदी पै खेलण जाया करदे
घर तै लुकमा बेच कै दाणे
खा गे खुरमे खिल्ल मखाणे
मिस्री तै मिठे होया करदे
खिल्लां तै फ़िक्के होगे
वँ यार पुराणे रै
बेरा ना कित्त खोगे
पकड लिये फेर स्कूल के रस्ते
हाथ मै तख्ती कांथ बस्ते
गरमी गई फेर आ गया पाला
एक दिन नहा लिऐ एक दिन टाला
पैंट ओर बुरसट मिलगी ताजी
एक दो दिन गए राजी राजी
हाथ जोड फेर रोवण लागे
आज आज घर पै रहण दैयो मां जी
आखयां मै आंसु आए ना
हाम्म थुक लगा कै रोगे
वँ यार पुराणे रै बेरा ना कित्त खो गे
बेरा ना कित्त खो गे
कालज मै फेर होग्या अडमिस्न
बाहर जाण की थी परमिस्न
रोडवेज मै जाया करदे
नकली पास कटाया करदे
बीस रपुली करकै कट्ठी
ले लिया करदे चा ओर मठी
स्पलैंडर पै मारे गेडे
सैट करली थी दो दो पट्ठी
मास्टर पाठ पठाया करदा
आंख मिच कै सोगे
वँ यार पुराणे रै बेरा ना कित्त खौ
वक्त गेल गऐ बदल नजारे
बिखर गऐ सब न्यारे न्यारे
घरां पडया कोए करै नोकरी
घरक्यां नै करी पस्नद छोकरी
शादी करली बणगे पापा
कापी छोडी लिया लफाफा
रोऐ जा सै दिल मरज्याणा
भुल गऐ क्यु टैम पुराणा
“saare balak” याद करै
क्यु बीज बिघन के बो गो
वँ यार पुराणे रै
बेरा ना कित्त खो गे...
Logged
sksaini4
Ustaad ae Shayari
*****

Rau: 853
Offline Offline

Gender: Male
Waqt Bitaya:
112 days, 3 hours and 12 minutes.
Posts: 36414
Member Since: Apr 2011


View Profile
«Reply #1 on: November 13, 2013, 08:04:21 PM »
Reply with quote
 Applause Applause Applause
Logged
Pages: [1]
ReplyPrint
Jump to:  

+ Quick Reply
With a Quick-Reply you can use bulletin board code and smileys as you would in a normal post, but much more conveniently.


Get Yoindia Updates in Email.

Enter your email address:

Ask any question to expert on eTI community..
Welcome, Guest. Please login or register.
Did you miss your activation email?
September 20, 2019, 01:36:17 AM

Login with username, password and session length
Recent Replies
[September 20, 2019, 12:29:34 AM]

[September 20, 2019, 12:21:34 AM]

[September 20, 2019, 12:19:53 AM]

[September 20, 2019, 12:19:21 AM]

[September 20, 2019, 12:18:57 AM]

[September 19, 2019, 11:48:48 PM]

[September 19, 2019, 11:47:59 PM]

[September 19, 2019, 11:46:06 PM]

[September 19, 2019, 11:44:17 PM]

[September 19, 2019, 11:44:14 PM]
Yoindia Shayariadab Copyright © MGCyber Group All Rights Reserved
Terms of Use| Privacy Policy Powered by PHP MySQL SMF© Simple Machines LLC
Page created in 0.162 seconds with 25 queries.
[x] Join now community of 48365 Real Poets and poetry admirer