मां भारती आज पूछ रही है

by nandbahu on February 21, 2021, 01:46:54 AM
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मन व्यथित आज हुआ है,
देश के हालात पर दुःखी हुआ है,
तिरंगे का अपमान किया है,
गणतंत्र को तार तार किया है।
क्या लोकतंत्र  यही होता है,
अभिव्यक्ति का क्या यही अर्थ है,
संविधान क्या यही कहता है,
आजादी का क्या ये मतलब  है।
देश का सम्मान  रख नही पाए,
मां भारती की लाज  बचा न पाए,
शहीद भी आज शर्मसार हुए हैं,
खून के आंसू वो रोते हैं।
स्वार्थी नेता स्वार्थी बनी जनता,
राजनीति के नशे में लिप्त है बैठा,
देश से कोई सरोकार नही है,
वोटों की रोटी सेंक रहे हैं।
अश्रु मां भारती के बहते,
हिमालय भी आज दर्द से तड़पे,
क्यों खो दी देशप्रेम की भावना,
लहूलुहान देश की हुई आत्मा।
मां भारती भी आज पूछ रही है,
आँचल को तार तार क्यों किया है,
सम्मान तिरंगे का बचा लो मेरे बच्चों,
स्वाभिमान देश का लुटने न दो।
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