कसम

by nandbahu on June 23, 2021, 06:31:49 AM
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nandbahu
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कसम खाते  हैं  तिरंगे की,
शान न कम होने देंगे,
जान की बाजी लगाकर भी,
तुझे न कभी झुकने देंगे।

मां भारती के चरणों की रज,
मस्तक पर लगाते हैं हम आज,
तेरी आन और शान के लिए,
हिमालय भी खड़ा प्रहरी समान।

कसम आज हम  खाते हैं,
वसुंधरा के आंचल को संवारेंगे,
वृक्ष लगाकर इंच इंच पर,
धानी चुनरिया कर देंगे।

पर्यावरण की रक्षा के लिये,
शपथ आज हम लेते हैं,
प्लास्टिक का प्रयोग न करके,
धरती के आंचल को बचायेंगे।

कसम आज यह भी खाई है,
प्रदूषण को कम कर देंगे,
पावन नदियों की जलधारा को,
निर्मल पुनः सब मिल कर देंगे।

मां के दूध की कसम  खाते हैं,
नारी का सम्मान करेंगे,
कृष्ण अंतर्मन में जगाकर,
हर बहन  द्रोपा की रक्षा करेंगे।

कसम आज हम खाते हैं,
कन्या भ्रूण हत्या न होने देंगे,
सम्मान से जन्म दिलवाकर,
मां के वात्सल्य की रक्षा करेंगे।

कसम खाके प्रण कर जायें,
एकता के बीज हम बोयेंगे,
जन जन में देशप्रेम लौ जगाकर,
उसे कभी न बुझने देंगे।
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surindarn
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«Reply #1 on: June 23, 2021, 01:44:09 PM »

कसम खाते  हैं  तिरंगे की,
शान न कम होने देंगे,
जान की बाजी लगाकर भी,
तुझे न कभी झुकने देंगे।

मां भारती के चरणों की रज,
मस्तक पर लगाते हैं हम आज,
तेरी आन और शान के लिए,
हिमालय भी खड़ा प्रहरी समान।

कसम आज हम  खाते हैं,
वसुंधरा के आंचल को संवारेंगे,
वृक्ष लगाकर इंच इंच पर,
धानी चुनरिया कर देंगे।

पर्यावरण की रक्षा के लिये,
शपथ आज हम लेते हैं,
प्लास्टिक का प्रयोग न करके,
धरती के आंचल को बचायेंगे।

कसम आज यह भी खाई है,
प्रदूषण को कम कर देंगे,
पावन नदियों की जलधारा को,
निर्मल पुनः सब मिल कर देंगे।

मां के दूध की कसम  खाते हैं,
नारी का सम्मान करेंगे,
कृष्ण अंतर्मन में जगाकर,
हर बहन  द्रोपा की रक्षा करेंगे।

कसम आज हम खाते हैं,
कन्या भ्रूण हत्या न होने देंगे,
सम्मान से जन्म दिलवाकर,
मां के वात्सल्य की रक्षा करेंगे।

कसम खाके प्रण कर जायें,
एकता के बीज हम बोयेंगे, Thumbs UP
जन जन में देशप्रेम लौ जगाकर,
उसे कभी न बुझने देंगे।

waah hee waah dheron daad. Thumbs UP
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nandbahu
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«Reply #2 on: June 24, 2021, 02:47:42 AM »
धन्यवाद
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