आरति श्री लक्ष्मी-गणेश की......................अरुण मिश्र

by arunmishra on November 04, 2018, 05:20:19 PM
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arunmishra
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https://youtu.be/8efFcOf5qi0

आरति श्री लक्ष्मी-गणेश की....


वर्ष २०११ में दीवाली-पूजन के समय मन में यह विचार
आया कि,  इस अवसर पर जब लक्ष्मी-गणेश की साथ-साथ
पूजा होती है तो,एक संयुक्त आरती भी होनी चाहिए|
अस्तु, इस दृष्टिकोण से एक संयुक्त आरती लिखने का
प्रयास  किया जो, मेरी जानकारी में हिंदी की पहली और एकमात्र
श्री लक्ष्मी-गणेश जी की संयुक्त आरती है। तीन छंदों की यह आरती
दीपावली-पूजन के उपयोगार्थ, समस्त भक्त-जनों को सादर-सप्रेम
प्रस्तुत हैं|    
वर्ष २०१२ की दीपावली पर मेरे संगीतकार मित्र श्री केवल कुमार ने
इस आरती को संगीतबद्ध  किया है जो, सभी भक्त जनों को दीपावली-पूजन
हेतु सस्नेह भेंट की जा रही है। आरती को स्वर, सुश्री प्राची चंद्रा एवं सखियों
ने दिया है। एतदर्थ, मैं इन सबका आभारी हूँ।
माँ लक्ष्मी एवं भगवान गणेश की आप सब पर अशेष कृपा बरसे।
दीपावली की असंख्य शुभकामनायें। -अरुण मिश्र .

 *आरती*

आरति   श्री  लक्ष्मी-गणेश   की |
धन-वर्षणि की,शमन-क्लेश की ||        

             दीपावलि     में     संग     विराजें |
             कमलासन - मूषक     पर    राजें |
             शुभ  अरु  लाभ,   बाजने    बाजें |

ऋद्धि-सिद्धि-दायक -  अशेष  की ||

             मुक्त - हस्त    माँ,   द्रव्य    लुटावें |
             एकदन्त,    दुःख      दूर    भगावें |  
             सुर-नर-मुनि सब जेहि जस  गावें |

बंदउं,  सोइ  महिमा विशेष  की ||

             विष्णु-प्रिया, सुखदायिनि  माता |
             गणपति,  विमल  बुद्धि  के  दाता |
             श्री-समृद्धि,  धन-धान्य    प्रदाता |

मृदुल  हास  की, रुचिर  वेश की ||
माँ लक्ष्मी, गणपति  गणेश  की ||                        
            *
                   -अरुण मिश्र  





                                                                       



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surindarn
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«Reply #1 on: November 04, 2018, 09:21:07 PM »
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 *आरती*

आरति   श्री  लक्ष्मी-गणेश   की |
धन-वर्षणि की,शमन-क्लेश की ||         

             दीपावलि     में     संग     विराजें |
             कमलासन - मूषक     पर    राजें |
             शुभ  अरु  लाभ,   बाजने    बाजें |

ऋद्धि-सिद्धि-दायक -  अशेष  की ||

             मुक्त - हस्त    माँ,   द्रव्य    लुटावें |
             एकदन्त,    दुःख      दूर    भगावें | 
             सुर-नर-मुनि सब जेहि जस  गावें |

बंदउं,  सोइ  महिमा विशेष  की ||

             विष्णु-प्रिया, सुखदायिनि  माता |
             गणपति,  विमल  बुद्धि  के  दाता |
             श्री-समृद्धि,  धन-धान्य    प्रदाता |

मृदुल  हास  की, रुचिर  वेश की ||
माँ लक्ष्मी, गणपति  गणेश  की || 
bahut umdah aarti hai Janaab,
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                                        Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley  
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arunmishra
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«Reply #2 on: December 18, 2018, 05:06:25 PM »
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Thank you surindarn JI.
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With a Quick-Reply you can use bulletin board code and smileys as you would in a normal post, but much more conveniently.


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