Ya to mujh ko had se - By "Betaab".

by dksaxenabsnl on May 25, 2018, 08:28:17 AM
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dksaxenabsnl
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खुश रहो खुश रहने दो l

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या तो मुझे हद से गुज़र जाने दे,
या मेरी रफ़्तार को महदूद कर दे.

फल्सफा ज़िंदगी का यूँ ही समझ न आएगा,
किसी गुस्ताख़ आशिक़ के हवाले ज़िंदगी कर दे.

बीते हुए लम्हे कहाँ से ढूढ़कर तुम लाओगे,
अपनी यादों को हवाओं के हवाले कर दे.

इतनी खुशियां मैं कैसे संभाल पाऊंगा,
कभी तो मेरा दामन उल्फतों से भर दे.

ज़िंदगी किसी चीज़ की तालिब न होगी "बेताब,"
अपने ख्वाबों की मेरे नाम बसीयत कर दे.

Composed by D K Saxena"Betaab".
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surindarn
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«Reply #1 on: May 26, 2018, 05:20:02 AM »
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या तो मुझे हद से गुज़र जाने दे,
या मेरी रफ़्तार को महदूद कर दे.

फल्सफा ज़िंदगी का यूँ ही समझ न आएगा,
किसी गुस्ताख़ आशिक़ के हवाले ज़िंदगी कर दे.

बीते हुए लम्हे कहाँ से ढूढ़कर तुम लाओगे,
अपनी यादों को हवाओं के हवाले कर दे.

इतनी खुशियां मैं कैसे संभाल पाऊंगा,
कभी तो मेरा दामन उल्फतों से भर दे.

ज़िंदगी किसी चीज़ की तालिब न होगी "बेताब,"
अपने ख्वाबों की मेरे नाम बसीयत कर दे.

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zarraa
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«Reply #2 on: May 28, 2018, 01:44:34 AM »
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या तो मुझे हद से गुज़र जाने दे,
या मेरी रफ़्तार को महदूद कर दे.

फल्सफा ज़िंदगी का यूँ ही समझ न आएगा,
किसी गुस्ताख़ आशिक़ के हवाले ज़िंदगी कर दे.

बीते हुए लम्हे कहाँ से ढूढ़कर तुम लाओगे,
अपनी यादों को हवाओं के हवाले कर दे.

इतनी खुशियां मैं कैसे संभाल पाऊंगा,
कभी तो मेरा दामन उल्फतों से भर दे.

ज़िंदगी किसी चीज़ की तालिब न होगी "बेताब,"
अपने ख्वाबों की मेरे नाम बसीयत कर दे.

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Waaahhhh bahaut khoob betaab sahab
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With a Quick-Reply you can use bulletin board code and smileys as you would in a normal post, but much more conveniently.


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