couplets

by Dheeraj dave on February 14, 2013, 02:53:51 PM
Pages: [1]
Print
Author  (Read 668 times)
Dheeraj dave
Guest
एक ही कमरे में खाना-पीना,रोना-धोना,रहना-सोना
एक मंगते ने सपने में घर देखा भी तो ऐसा देखा

जब से सुना हैं जमाने में चल रही है बुरी हवा
मैंने तब से अपने घर की खिड़की भी नहीं खोली

घर के जिस कोने में जाते दीवारों से लग जाते हैं
बूढ़े लोग मरने से पहले ही तस्वीरें हो जाते हैं

एक फौजी जिसकी दुल्हन की हीना भी नहीं सुखी अभी
कल जिहादी जंग का वो पहला कलेवा हो गया
अमीरों के गुसलखानों में जो कीड़ों सा पड़ा रहता था
सुना है ओढ़ के खद्दर अब वो फकीरों का नेता हो गया  

भूखे नंगे बच्चे जो सड़कों और फूटपाथों पर सोतें हैं
उनकी खातिर मक्के के दो दाने भी सब कुछ होते हैं

अना को मार दे लावारिसों की लाश हो जा
या खद्दर ओढ़ ले तू भी गधो में ख़ास हो जा
जिसकी बेटियां तो मौज करती सासरे में
और बहुएँ रोज रोती हैं तू वैसी सास हो जा
Logged
Similar Poetry and Posts (Note: Find replies to above post after the related posts and poetry)
Inspirational and Divine Couplets (Hindi) by Karan.sri in Shayari-e-Parastish « 1 2  All »
Few Couplets of Deepak Sharma by kavyadharateam in Shairi - E - Zindagi
couplets by Dheeraj dave in Other Languages
couplets by Dheeraj dave in Other Languages
Shayad Bhool Chuka Hoga,. [Couplets] by Azeem Azaad in Shayri-E-Dard
sbechain
Guest
«Reply #1 on: February 14, 2013, 05:11:45 PM »
एक ही कमरे में खाना-पीना,रोना-धोना,रहना-सोना
एक मंगते ने सपने में घर देखा भी तो ऐसा देखा

जब से सुना हैं जमाने में चल रही है बुरी हवा
मैंने तब से अपने घर की खिड़की भी नहीं खोली

घर के जिस कोने में जाते दीवारों से लग जाते हैं
बूढ़े लोग मरने से पहले ही तस्वीरें हो जाते हैं

एक फौजी जिसकी दुल्हन की हीना भी नहीं सुखी अभी
कल जिहादी जंग का वो पहला कलेवा हो गया
अमीरों के गुसलखानों में जो कीड़ों सा पड़ा रहता था
सुना है ओढ़ के खद्दर अब वो फकीरों का नेता हो गया  

भूखे नंगे बच्चे जो सड़कों और फूटपाथों पर सोतें हैं
उनकी खातिर मक्के के दो दाने भी सब कुछ होते हैं

अना को मार दे लावारिसों की लाश हो जा
या खद्दर ओढ़ ले तू भी गधो में ख़ास हो जा
जिसकी बेटियां तो मौज करती सासरे में
और बहुएँ रोज रोती हैं तू वैसी सास हो जा


could you please write in roman........!
Logged
MANOJ6568
Khaas Shayar
**

Rau: 31
Offline Offline

Gender: Male
Waqt Bitaya:
42 days, 19 hours and 59 minutes.

Astrologer & Shayer

Posts: 12017
Member Since: Feb 2010


View Profile
«Reply #2 on: February 14, 2013, 05:23:30 PM »
एक ही कमरे में खाना-पीना,रोना-धोना,रहना-सोना
एक मंगते ने सपने में घर देखा भी तो ऐसा देखा

जब से सुना हैं जमाने में चल रही है बुरी हवा
मैंने तब से अपने घर की खिड़की भी नहीं खोली

घर के जिस कोने में जाते दीवारों से लग जाते हैं
बूढ़े लोग मरने से पहले ही तस्वीरें हो जाते हैं

एक फौजी जिसकी दुल्हन की हीना भी नहीं सुखी अभी
कल जिहादी जंग का वो पहला कलेवा हो गया
अमीरों के गुसलखानों में जो कीड़ों सा पड़ा रहता था
सुना है ओढ़ के खद्दर अब वो फकीरों का नेता हो गया 

भूखे नंगे बच्चे जो सड़कों और फूटपाथों पर सोतें हैं
उनकी खातिर मक्के के दो दाने भी सब कुछ होते हैं

अना को मार दे लावारिसों की लाश हो जा
या खद्दर ओढ़ ले तू भी गधो में ख़ास हो जा
जिसकी बेटियां तो मौज करती सासरे में
और बहुएँ रोज रोती हैं तू वैसी सास हो जा

khub
Logged
RAJAN KONDAL
Guest
«Reply #3 on: February 14, 2013, 05:53:51 PM »
एक ही कमरे में खाना-पीना,रोना-धोना,रहना-सोना
एक मंगते ने सपने में घर देखा भी तो ऐसा देखा

जब से सुना हैं जमाने में चल रही है बुरी हवा
मैंने तब से अपने घर की खिड़की भी नहीं खोली

घर के जिस कोने में जाते दीवारों से लग जाते हैं
बूढ़े लोग मरने से पहले ही तस्वीरें हो जाते हैं

एक फौजी जिसकी दुल्हन की हीना भी नहीं सुखी अभी
कल जिहादी जंग का वो पहला कलेवा हो गया
अमीरों के गुसलखानों में जो कीड़ों सा पड़ा रहता था
सुना है ओढ़ के खद्दर अब वो फकीरों का नेता हो गया 

भूखे नंगे बच्चे जो सड़कों और फूटपाथों पर सोतें हैं
उनकी खातिर मक्के के दो दाने भी सब कुछ होते हैं

अना को मार दे लावारिसों की लाश हो जा
या खद्दर ओढ़ ले तू भी गधो में ख़ास हो जा
जिसकी बेटियां तो मौज करती सासरे में
और बहुएँ रोज रोती हैं तू वैसी सास हो जा

Applause Applause Applause Applause Applause Applause Applause Applause Applause wha wha
Logged
sbechain
Guest
«Reply #4 on: February 14, 2013, 05:56:19 PM »
एक ही कमरे में खाना-पीना,रोना-धोना,रहना-सोना
एक मंगते ने सपने में घर देखा भी तो ऐसा देखा

जब से सुना हैं जमाने में चल रही है बुरी हवा
मैंने तब से अपने घर की खिड़की भी नहीं खोली

घर के जिस कोने में जाते दीवारों से लग जाते हैं
बूढ़े लोग मरने से पहले ही तस्वीरें हो जाते हैं

एक फौजी जिसकी दुल्हन की हीना भी नहीं सुखी अभी
कल जिहादी जंग का वो पहला कलेवा हो गया
अमीरों के गुसलखानों में जो कीड़ों सा पड़ा रहता था
सुना है ओढ़ के खद्दर अब वो फकीरों का नेता हो गया  

भूखे नंगे बच्चे जो सड़कों और फूटपाथों पर सोतें हैं
उनकी खातिर मक्के के दो दाने भी सब कुछ होते हैं

अना को मार दे लावारिसों की लाश हो जा
या खद्दर ओढ़ ले तू भी गधो में ख़ास हो जा
जिसकी बेटियां तो मौज करती सासरे में
और बहुएँ रोज रोती हैं तू वैसी सास हो जा


good one...........!
Logged
aqsh
Guest
«Reply #5 on: February 15, 2013, 03:31:31 AM »
 Applause Applause Applause Applause Applause Applause Applause
Very nice
Logged
nandbahu
Mashhur Shayar
***

Rau: 122
Offline Offline

Gender: Male
Waqt Bitaya:
20 days, 3 hours and 24 minutes.
Posts: 14552
Member Since: Sep 2011


View Profile
«Reply #6 on: February 17, 2013, 02:32:35 AM »
bahut khoob
Logged
Dheeraj dave
Guest
«Reply #7 on: February 20, 2013, 01:23:13 PM »
thnx to all of you
Logged
Pages: [1]
Print
Jump to:  


Get Yoindia Updates in Email.

Enter your email address:

Ask any question to expert on eTI community..
Welcome, Guest. Please login or register.
Did you miss your activation email?
June 15, 2024, 10:54:14 AM

Login with username, password and session length
Recent Replies
by ASIF
[June 14, 2024, 12:39:06 PM]

[June 12, 2024, 11:37:13 AM]

[June 12, 2024, 11:14:40 AM]

[June 09, 2024, 11:49:10 AM]

[June 09, 2024, 11:47:00 AM]

[June 09, 2024, 11:40:00 AM]

[June 09, 2024, 11:37:18 AM]

[June 09, 2024, 11:33:51 AM]

[June 09, 2024, 11:29:53 AM]

[May 28, 2024, 08:41:09 PM]
Yoindia Shayariadab Copyright © MGCyber Group All Rights Reserved
Terms of Use| Privacy Policy Powered by PHP MySQL SMF© Simple Machines LLC
Page created in 0.123 seconds with 26 queries.
[x] Join now community of 8499 Real Poets and poetry admirer