बेगानों के जश्न में,दीवाना मस्ताना है कोई --आर के रस्तोगी

by Ram Krishan Rastogi on August 19, 2018, 12:23:02 PM
Pages: [1]
Print
Author  (Read 816 times)
Ram Krishan Rastogi
Umda Shayar
*

Rau: 69
Offline Offline

Gender: Male
Waqt Bitaya:
31 days, 2 hours and 23 minutes.

Posts: 5042
Member Since: Oct 2010


View Profile
बेगानों के जश्न में,दीवाना मस्ताना है कोई
मुल्क से बढकर,किसी का दोस्त है वहाँ कोई

शहीदों के कातिलो को, बेगुनाह समझते हो तुम
उनके मुल्क में जाकर,उनको गले लगाते हो तुम
सोचते हो अगर वे बेगुनाह है सिद्धू,ऐसा हो तुम
फिर पाक में जाकर,बस जाते क्यों नहीं तुम ?
पता लगेगा तुम्हे,कैसी कदर करता है वहाँ कोई
जो दूर से दोस्त दिखता है,वहाँ जालिम हर कोई
बेगानों के जश्न में,दीवाना मस्ताना है कोई
मुल्क से बढ़कर किसी का दोस्त है वहाँ कोई  

बुला कर जश्न में तुम्हे,बना है रहे वे बुद्धू 
अभी भी वक्त है सभल जाओ तुम  सिद्धू 
फूले नहीं समा रहे हो अब वहां जाकर हो तुम  
दुश्मन को दोस्त समझकर शाल उढा रहे हो तुम
इस शाल का शहीदों का कफन बना न दे कोई
वे देश के  दुश्मन है,दोस्त बनेगा न वहाँ कोई
बेगानों के जश्न में दीवाना मस्ताना है कोई
मुल्क से बढकर किसी की दोस्त है वहाँ कोई

वह क्रिकेट के मैदान में भी था दुश्मन तुम्हारा
कैसे समझ ले हम, वह दोस्त है अब तुम्हारा
यह अनोखी चाल है जो जश्न में बुलाया तुमको
भारत के खिलाफ लड़ने में मोहरा बनाया तुमको
इस शतरंज की चाल को समझ रहा न कोई
तुम्हारे देश को शह देना चाहता है अब कोई
बेगानों के जश्न में,दीवाना मस्ताना है कोई
मुल्क से बढ़कर किसी का दोस्त वहाँ है कोई

कहते हो मोहब्बत का पैगाम ले जा रहा हूँ मैं
इसके बदले अमन का, पैगाम  ला रहा हूँ मैं  
किती बार अमन पैगाम् भेजे जा चुके है उसको
हर बार ठुकराया है इस पैगाम को उसने हमको
जायेगा न ऐसे पैगाम भारत से उसको अब कोई
मुकर जाता है वहां अपने वादों से हर वहाँ कोई
बेगानों के जश्न में,दीवाना मस्ताना है कोई
मुल्क से बढकर किसी का दोस्त है वहाँ कोई

आर के रस्तोगी
 

  
Logged
surindarn
Ustaad ae Shayari
*****

Rau: 273
Offline Offline

Waqt Bitaya:
134 days, 2 hours and 27 minutes.
Posts: 31520
Member Since: Mar 2012


View Profile
«Reply #1 on: August 20, 2018, 04:05:29 AM »
बेगानों के जश्न में,दीवाना मस्ताना है कोई
मुल्क से बढकर,किसी का दोस्त है वहाँ कोई

शहीदों के कातिलो को, बेगुनाह समझते हो तुम
उनके मुल्क में जाकर,उनको गले लगाते हो तुम
सोचते हो अगर वे बेगुनाह है सिद्धू,ऐसा हो तुम
फिर पाक में जाकर,बस जाते क्यों नहीं तुम ?
पता लगेगा तुम्हे,कैसी कदर करता है वहाँ कोई
जो दूर से दोस्त दिखता है,वहाँ जालिम हर कोई
बेगानों के जश्न में,दीवाना मस्ताना है कोई
मुल्क से बढ़कर किसी का दोस्त है वहाँ कोई 

बुला कर जश्न में तुम्हे,बना है रहे वे बुद्धू 
अभी भी वक्त है सभल जाओ तुम  सिद्धू 
फूले नहीं समा रहे हो अब वहां जाकर हो तुम 
दुश्मन को दोस्त समझकर शाल उढा रहे हो तुम
इस शाल का शहीदों का कफन बना न दे कोई
वे देश के  दुश्मन है,दोस्त बनेगा न वहाँ कोई
बेगानों के जश्न में दीवाना मस्ताना है कोई
मुल्क से बढकर किसी की दोस्त है वहाँ कोई

वह क्रिकेट के मैदान में भी था दुश्मन तुम्हारा
कैसे समझ ले हम, वह दोस्त है अब तुम्हारा
यह अनोखी चाल है जो जश्न में बुलाया तुमको
भारत के खिलाफ लड़ने में मोहरा बनाया तुमको
इस शतरंज की चाल को समझ रहा न कोई
तुम्हारे देश को शह देना चाहता है अब कोई
बेगानों के जश्न में,दीवाना मस्ताना है कोई
मुल्क से बढ़कर किसी का दोस्त वहाँ है कोई

कहते हो मोहब्बत का पैगाम ले जा रहा हूँ मैं
इसके बदले अमन का, पैगाम  ला रहा हूँ मैं 
किती बार अमन पैगाम् भेजे जा चुके है उसको
हर बार ठुकराया है इस पैगाम को उसने हमको
जायेगा न ऐसे पैगाम भारत से उसको अब कोई
मुकर जाता है वहां अपने वादों से हर वहाँ कोई
बेगानों के जश्न में,दीवाना मस्ताना है कोई
मुल्क से बढकर किसी का दोस्त है वहाँ कोई

आर के रस्तोगी
 

   

waah bahut khoob.
 Applause Applause Applause Applause Applause Applause
 Applause Applause Applause Applause Applause Applause
Logged
Ram Krishan Rastogi
Umda Shayar
*

Rau: 69
Offline Offline

Gender: Male
Waqt Bitaya:
31 days, 2 hours and 23 minutes.

Posts: 5042
Member Since: Oct 2010


View Profile
«Reply #2 on: August 20, 2018, 01:17:07 PM »
Shri surindran ji shukriya
Logged
Pages: [1]
Print
Jump to:  


Get Yoindia Updates in Email.

Enter your email address:

Ask any question to expert on eTI community..
Welcome, Guest. Please login or register.
Did you miss your activation email?
August 26, 2026, 06:10:17 PM

Login with username, password and session length
Recent Replies
[August 25, 2026, 07:50:42 PM]

[August 25, 2026, 07:49:38 PM]

[August 23, 2026, 02:43:47 PM]

[August 23, 2026, 02:42:55 PM]

[August 23, 2026, 02:41:52 PM]

[August 20, 2026, 09:45:39 PM]

by ASIF
[August 18, 2026, 12:21:55 PM]

by Tahseen ahmed khan
[August 17, 2026, 09:55:02 AM]

[August 16, 2026, 11:23:45 AM]

[August 16, 2026, 11:20:19 AM]
Yoindia Shayariadab Copyright © MGCyber Group All Rights Reserved
Terms of Use| Privacy Policy Powered by PHP MySQL SMF© Simple Machines LLC
Page created in 0.172 seconds with 24 queries.
[x] Join now community of 8523 Real Poets and poetry admirer