हम और तुम बारिश के मौसम में

by Suku on September 29, 2009, 10:06:08 AM
Pages: [1]
ReplyPrint
Author  (Read 1871 times)
Suku
Guest
Reply with quote
हम और तुम बारिश के मौसम में
अजबसी मदहोशी छाई बदनमे,
हाय ये बैचेनी अंग अंग में,
अंजानी तरलता नसनसमे,
हम और तुम बारिश के मौसम में

याद है आज भी वह मुलाकात पहली,
फुलों से सजी वह भीगती टहली ,
वो हया, वो लज्जा, वो पहला स्पर्श,
दो अजनबी एक ही छातेमे,
हम और तुम बारिश के मौसम में

वो यादे, मुलाकाते,
वो नगमे, वो शिकवे,
वो बाते नशीली, नज़रे कटीली,
हर दिन हर पल तेरे ही खयालोमे,
हम और तुम बारिश के मौसम में

वो coffee की गर्म चुस्कियाँ,
दिलमे उभरती कितनी ही मस्तियाँ,
प्यार की गवाह पुरानी नदियाँ,
ठिठुरते पेड़ हमारीही राह में,
हम और तुम बारिश के मौसम में

गुनगुनाना वो तुम्हारा और मेरा शरमाना,
रूठना मनाना चिढाना सताना,
आज भी दिल दिवाना तुम्हारे इंतजार में,
हम और तुम बारिश के मौसम में
Logged
Suku
Guest
«Reply #1 on: September 29, 2009, 10:06:56 AM »
Reply with quote
अजबसी मदहोशी छाई बदनमे,
हाय ये बैचेनी अंग अंग में,
अंजानी तरलता नसनसमे,
हम और तुम बारिश के मौसम में

याद है आज भी वह मुलाकात पहली,
फुलों से सजी वह भीगती टहली ,
वो हया, वो लज्जा, वो पहला स्पर्श,
दो अजनबी एक ही छातेमे,
हम और तुम बारिश के मौसम में

वो यादे, मुलाकाते,
वो नगमे, वो शिकवे,
वो बाते नशीली, नज़रे कटीली,
हर दिन हर पल तेरे ही खयालोमे,
हम और तुम बारिश के मौसम में

वो coffee की गर्म चुस्कियाँ,
दिलमे उभरती कितनी ही मस्तियाँ,
प्यार की गवाह पुरानी नदियाँ,
ठिठुरते पेड़ हमारीही राह में,
हम और तुम बारिश के मौसम में

गुनगुनाना वो तुम्हारा और मेरा शरमाना,
रूठना मनाना चिढाना सताना,
आज भी दिल दिवाना तुम्हारे इंतजार में,
हम और तुम बारिश के मौसम में
Logged
Rishi Agarwal
Guest
«Reply #2 on: September 29, 2009, 11:36:23 AM »
Reply with quote
nice and goood Applause Applause Applause
Logged
madhuwesh
Guest
«Reply #3 on: September 29, 2009, 12:22:15 PM »
Reply with quote
Wah bahut bahut khoob Suku ji,very beautiful creation,touching. icon_thumleft Applause Applause Applause Applause Applause
Logged
Rishi Agarwal
Guest
«Reply #4 on: September 29, 2009, 12:37:09 PM »
Reply with quote
bahut khub suku ji nice
Logged
sbechain
Guest
«Reply #5 on: February 05, 2012, 06:20:02 PM »
Reply with quote
हम और तुम बारिश के मौसम में
अजबसी मदहोशी छाई बदनमे,
हाय ये बैचेनी अंग अंग में,
अंजानी तरलता नसनसमे,
हम और तुम बारिश के मौसम में

याद है आज भी वह मुलाकात पहली,
फुलों से सजी वह भीगती टहली ,
वो हया, वो लज्जा, वो पहला स्पर्श,
दो अजनबी एक ही छातेमे,
हम और तुम बारिश के मौसम में

वो यादे, मुलाकाते,
वो नगमे, वो शिकवे,
वो बाते नशीली, नज़रे कटीली,
हर दिन हर पल तेरे ही खयालोमे,
हम और तुम बारिश के मौसम में

वो coffee की गर्म चुस्कियाँ,
दिलमे उभरती कितनी ही मस्तियाँ,
प्यार की गवाह पुरानी नदियाँ,
ठिठुरते पेड़ हमारीही राह में,
हम और तुम बारिश के मौसम में

गुनगुनाना वो तुम्हारा और मेरा शरमाना,
रूठना मनाना चिढाना सताना,
आज भी दिल दिवाना तुम्हारे इंतजार में,
हम और तुम बारिश के मौसम में


bahut khoob.........!
Logged
Pages: [1]
ReplyPrint
Jump to:  

+ Quick Reply
With a Quick-Reply you can use bulletin board code and smileys as you would in a normal post, but much more conveniently.


Get Yoindia Updates in Email.

Enter your email address:

Ask any question to expert on eTI community..
Welcome, Guest. Please login or register.
Did you miss your activation email?
August 24, 2026, 04:36:07 AM

Login with username, password and session length
Recent Replies
[August 23, 2026, 02:43:47 PM]

[August 23, 2026, 02:42:55 PM]

[August 23, 2026, 02:41:52 PM]

[August 20, 2026, 09:45:39 PM]

by ASIF
[August 18, 2026, 12:21:55 PM]

by Tahseen ahmed khan
[August 17, 2026, 09:55:02 AM]

[August 16, 2026, 11:23:45 AM]

[August 16, 2026, 11:22:17 AM]

[August 16, 2026, 11:20:19 AM]

[August 16, 2026, 12:48:06 AM]
Yoindia Shayariadab Copyright © MGCyber Group All Rights Reserved
Terms of Use| Privacy Policy Powered by PHP MySQL SMF© Simple Machines LLC
Page created in 0.177 seconds with 22 queries.
[x] Join now community of 8523 Real Poets and poetry admirer