jo na chal saka zamaane ke saath wo ...

by raajaindra on January 13, 2012, 08:37:03 PM
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raajaindra
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ज़मीं  पे  चल  न  सका  आसमान  से  भी  गया
कटा  के  पर  को  परिंदा  उड़ान  से  भी  गया

तबाह  कर  गई  पक्के  मकान  की  ख्वाहिश
मैं  अपने  गाँव  के  कच्चे  मकान  से  भी  गया

पराई  आग  में  कूद क्या  मिला  तुझ  को
उसे  बचा  न  सका  अपनी  जान  से  भी  गया

भुलाना  चाह  तो  भुलाने  की  इन्तेहा  कर  दी
वो  शख्स  अब  मेरे  वहम-ओ-गुमान  से  भी  गया

किसी  के  हाथ   का  निकला  हुआ  वो  तीर  हूँ  मैं
हदफ़  को  छू  न  सका  और  कमान  से  भी  गया
~nm~
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mkv
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«Reply #1 on: January 14, 2012, 04:25:06 AM »
Bahut khoob Raaj ji
behad khoobsurat kalaam.. har sher..aala darje ka..
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khujli
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«Reply #2 on: January 14, 2012, 06:37:00 AM »
ज़मीं  पे  चल  न  सका  आसमान  से  भी  गया
कटा  के  पर  को  परिंदा  उड़ान  से  भी  गया

तबाह  कर  गई  पक्के  मकान  की  ख्वाहिश
मैं  अपने  गाँव  के  कच्चे  मकान  से  भी  गया

पराई  आग  में  कूद क्या  मिला  तुझ  को
उसे  बचा  न  सका  अपनी  जान  से  भी  गया

भुलाना  चाह  तो  भुलाने  की  इन्तेहा  कर  दी
वो  शख्स  अब  मेरे  वहम-ओ-गुमान  से  भी  गया

किसी  के  हाथ   का  निकला  हुआ  वो  तीर  हूँ  मैं
हदफ़  को  छू  न  सका  और  कमान  से  भी  गया
~nm~



 Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP Thumbs UP
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usha rajesh
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«Reply #3 on: January 14, 2012, 03:48:29 PM »
ज़मीं  पे  चल  न  सका  आसमान  से  भी  गया
कटा  के  पर  को  परिंदा  उड़ान  से  भी  गया

तबाह  कर  गई  पक्के  मकान  की  ख्वाहिश
मैं  अपने  गाँव  के  कच्चे  मकान  से  भी  गया

पराई  आग  में  कूद क्या  मिला  तुझ  को
उसे  बचा  न  सका  अपनी  जान  से  भी  गया

भुलाना  चाह  तो  भुलाने  की  इन्तेहा  कर  दी
वो  शख्स  अब  मेरे  वहम-ओ-गुमान  से  भी  गया

किसी  के  हाथ   का  निकला  हुआ  वो  तीर  हूँ  मैं
हदफ़  को  छू  न  सका  और  कमान  से  भी  गया
~nm~

Waah! Waah! Rajaindra ji bahut khoob!
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Mohammad Touhid
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«Reply #4 on: January 14, 2012, 07:35:29 PM »
bahut sahi likha hai rajaindra ji... Usual Smile

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adil bechain
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«Reply #5 on: January 15, 2012, 09:09:48 AM »
ज़मीं  पे  चल  न  सका  आसमान  से  भी  गया
कटा  के  पर  को  परिंदा  उड़ान  से  भी  गया

तबाह  कर  गई  पक्के  मकान  की  ख्वाहिश
मैं  अपने  गाँव  के  कच्चे  मकान  से  भी  गया

पराई  आग  में  कूद क्या  मिला  तुझ  को
उसे  बचा  न  सका  अपनी  जान  से  भी  गया

भुलाना  चाह  तो  भुलाने  की  इन्तेहा  कर  दी
वो  शख्स  अब  मेरे  वहम-ओ-गुमान  से  भी  गया

किसी  के  हाथ   का  निकला  हुआ  वो  तीर  हूँ  मैं
हदफ़  को  छू  न  सका  और  कमान  से  भी  गया
~nm~



waaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaah Applause Applause Applause Applause
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SURESH SANGWAN
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«Reply #6 on: January 15, 2012, 09:13:37 AM »
 Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Clapping Smiley Applause Applause Applause Applause Applause :clapkamaal kar diya raaaindra ji aapne.
ज़मीं  पे  चल  न  सका  आसमान  से  भी  गया
कटा  के  पर  को  परिंदा  उड़ान  से  भी  गया

तबाह  कर  गई  पक्के  मकान  की  ख्वाहिश
मैं  अपने  गाँव  के  कच्चे  मकान  से  भी  गया

पराई  आग  में  कूद क्या  मिला  तुझ  को
उसे  बचा  न  सका  अपनी  जान  से  भी  गया

भुलाना  चाह  तो  भुलाने  की  इन्तेहा  कर  दी
वो  शख्स  अब  मेरे  वहम-ओ-गुमान  से  भी  गया

किसी  के  हाथ   का  निकला  हुआ  वो  तीर  हूँ  मैं
हदफ़  को  छू  न  सका  और  कमान  से  भी  गया
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«Reply #7 on: January 16, 2012, 05:00:00 AM »
bahut bahut umdaa rajinder ji mubarak ho
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