भोले बाबा के मन की संवेदना संवेदना --आर के रस्तोगी

by Ram Krishan Rastogi on August 06, 2018, 11:24:12 AM
Pages: [1]
Print
Author  (Read 1153 times)
Ram Krishan Rastogi
Umda Shayar
*

Rau: 69
Offline Offline

Gender: Male
Waqt Bitaya:
31 days, 1 hours and 19 minutes.

Posts: 5032
Member Since: Oct 2010


View Profile
कल रात भोले बाबा भंडारी शंकर मेरे सपनो में आ गये
कलयुग में कांवडियो की हरकते देखकर चक्कर खा गये
वह बोले, रस्तोगी तुम्हारे क्षेत्र में यह क्या हो रहा है  
कांवडियो के कारनामो को देख कर दुखी हो रहा हूँ
मैं बोल्या,प्रभु ये कांवडिये और ये क्षेत्र आपने ही बनाये है
इसलिए ये सारे कांवडिये भक्त तुम्हारी भक्ति में समाये है
वे फिर बोले,भक्ति भावना की बात तो ठीक है
क्या ये उछल-कूद मचा रहे है बिल्कुल ठीक है
चारो तरफ इनके कारण ही ट्रैफिक बंद पड़ा है
पुलिस प्रशासन भी इनके आगे हाथ जोड़े खड़ा है
जनता भी इनके आगे सब झुकी हुई है
अपने काम करने से सब रुकी हुई है
ये जल के बहाने अपनी गर्ल फ्रेंड ले जा रहे है
उनके साथ ये पूरी मस्ती मना रहे है
किसी ने तो मेरा पूरा रूप धर लिया है
हाथ में त्रिशूल और डमरू रख लिया है
गर्ल फ्रेंड को पार्वती को रूप दे दिया है
उसके साथ वे क्या क्या कर रहे है
ये मेरी समझ में नहीं आ रहा है  
चारो तरफ भंडारे व कैम्प लगे हुए है
उनके खाने और सोने के प्रबन्ध हुए है
कोई मेरे नाम पर चरस भांग पी रहा है
कोई मेरे नाम लेकर दारु को पी रहा है
कोई खुली सडक पर नंगा डान्स कर रहा है  
गाजे बाजे के साथ पूरी तरह से थिरक रहा है
जल चढ़ा कर खुश करना एक बहाना है
इतनी बारिस में मुझे क्या अब नहाना है
गंगा तो स्वयं मेरी जटाओ से आई है
भागीरथ के प्रयत्नों से इस भू पर आई है
तुमने अपने पाप धोकर उसे मलिन कर दिया है
क्या तुम उस मलिन जल से मुझे नह्लाओगे
क्या तुम अपने पापो का प्रयाश्चित कर पाओगे  
कोई साथ साथ में डी जे लेकर चल रहे है
इस शोर से सारा वातावरण दूषित कर रहे है
स्कूल कॉलेज भी इनके कारण बंद कर दिये है
सारे रास्ते भी इनके कारण ही बंद कर दिये है  
मैं इन झूठे आडम्बरो से कदापि खुश होता नही
जनता अगर दुखी है तो मैं भी खुश होता नहीं  
पहले ही शोर से वातावरण बहुत दूषित है
और इस नये शोर से क्यों दूषित करते हो
पहले तुम सब नदियों को साफ़ कराओ
फिर मुझ पर आकर जल चढ़ाओ    
मेरे इस सन्देश को जरा कांवडियो तक पहूचा दो
अब तो सावन के महीने में मुझे राहत दिला दो
अगर सच्चे भक्त है, सब आडम्बरो को हटा दो

आर के रस्तोगी
 
Logged
surindarn
Ustaad ae Shayari
*****

Rau: 273
Offline Offline

Waqt Bitaya:
134 days, 2 hours and 27 minutes.
Posts: 31520
Member Since: Mar 2012


View Profile
«Reply #1 on: August 07, 2018, 12:28:33 AM »
waah waah. Bit to long.
 Applause Applause Applause Applause Applause Applause
Logged
Ram Krishan Rastogi
Umda Shayar
*

Rau: 69
Offline Offline

Gender: Male
Waqt Bitaya:
31 days, 1 hours and 19 minutes.

Posts: 5032
Member Since: Oct 2010


View Profile
«Reply #2 on: August 07, 2018, 10:59:38 AM »
shri surindran ji shukriya
Logged
Pages: [1]
Print
Jump to:  


Get Yoindia Updates in Email.

Enter your email address:

Ask any question to expert on eTI community..
Welcome, Guest. Please login or register.
Did you miss your activation email?
April 29, 2026, 10:43:51 PM

Login with username, password and session length
Recent Replies
[April 29, 2026, 02:58:08 AM]

[April 26, 2026, 09:06:16 AM]

[April 25, 2026, 07:28:21 PM]

[April 25, 2026, 07:24:18 PM]

[April 24, 2026, 12:49:25 AM]

[April 22, 2026, 04:54:13 PM]

[April 20, 2026, 06:25:41 AM]

[April 19, 2026, 04:54:42 PM]

[April 15, 2026, 02:16:44 AM]

[April 11, 2026, 11:14:26 AM]
Yoindia Shayariadab Copyright © MGCyber Group All Rights Reserved
Terms of Use| Privacy Policy Powered by PHP MySQL SMF© Simple Machines LLC
Page created in 0.11 seconds with 24 queries.
[x] Join now community of 8521 Real Poets and poetry admirer