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Latest Shayari at Yoindia Shayariadab
- इतनी शिद्दत से ,,,,saahill;
- सुना है उनको ,,,SAAHILL
- kuchh log ji rahe haiN shikaayat ke baavjood
- तुम्हे क्या जरूरत ,,,saahill
- हसीन वादियों ,,saahill
- तुम्हारी निगाहों में ,,saahill
- तेरी धरती आसमां हो हैप्पी बर्थडे इंडिया
- SHOOTER - एक अनदेखा निशाना, एक अटूट इरादा (Spy Thriller story)
- पूरी तरह से थककर आराम है मुकम्मल
- तुम्हे भी ,,,saahill
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इतनी शिद्दत से ना पड़ा कीजिये ,,,,, लफ्जों से नहीं हमसे मोहब्बत हो जाएगी
लिखना अब मेरे लिए लाज़मी हो गया है ,,,, सुना है उनको मेरे अल्फ़ाज़ों से मोहब्बत हो गई है
कुछ लोग जी रहे हैं शिकायत के बावजूद कुछ को शिकायतें हैं ग़नीमत के बावजूद
इक लुत्फ़ आ रहा है मुसीबत के बावजूद इक काम कर रहा हूँ नसीहत के बावजूद
मुझको किसी निगाह ने ज़िंदा नहीं किया इक बुत बना हुआ हूँ मैं हसरत के बावजूद
कुछ ज़ख़्म बे-इलाज ही भरते चले गए<...
तुम्हे क्या जरूरत है पढ़ने की ,,,, मैने तुम्हे ही तो इसमें लिखा है
हसीन वादियों को भूल जाओगे ,,,, किसी के ख्वाबों में जा कर देखिए
तुम्हारी निगाहों में देखने दो ,,, मेरा आइना टूट गया है
हैप्पी बर्थडे इंडिया
तेरी धरती आसमां हो हैप्पी बर्थडे इंडिया तू सदा रश्के-जहां* हो हैप्पी बर्थडे इंडिया *दुनिया की ईर्षा
तू किसी की मेहरबानी का नहीं मोहताज हो तू सभी पर मेहरबां हो हैप्पी बर्थडे इंडिया
टेक्नोलॉजी भी बढ़े अध्यात्म भी फलता रहे तुझपे...
Hello dosto kafi arse bad lauta hoo yoindia par, crime thriller universe aur horror stories ke baad ek aur dhamakedar thriller ki peshkash kabul kare saal 2026 ki pehli dastan ke sath jiska naam hai "Shoote...
पूरी तरह से थककर आराम है मुकम्मल कहते हैं काम अपना इनआम है मुकम्मल
चाहा है दोस्तों को दीवानगी की हद तक मुझपर ये दुश्मनों का इल्ज़ाम है मुकम्मल
इस ज़ीस्त* को मुकम्मल करते हैं चंद लम्हे वरना तो कौन सा दिन या शाम है मुकम्मल *जीवन
मंज़िल की जुस्तुजू ह...
मैं तुम्हारा हूं ,, तुम्हे भी बताना पड़ता है
शोहरत का मुझसे दाम चुकाया न जाएगा तो क्या हुआ कि नाम कमाया न जाएगा
मैंने भी उसका हाल न पूछा ये सोचकर उससे भी अपना हाल सुनाया न जाएगा
हमने बरामदे में जो पौधा उगा लिया गमले में रखके पेड़ बनाया न जाएगा
इक रोज़ इसमें बर्गो-समर फिर न आएँगे लेकिन शजर को...
वो चाय की शौकीन थी ,,,, हमें शराब लगा गई
तुम किसी में भी नहीं थे ,,,,, मैने हर एक लकीर देखी हाथ की
तुमने जो खामोशी से दिल तोड़ा था ,,,, उसका शोर अभी भी है
*सावन माह की विशेषता*
सावन मे ज़ब भी बादल आते, साजन का सन्देशा भी वे लाते। सन्देशा ज़ब मै उनका पढ़ती, आँखो से आंसू मेरे आ जाते ।।
सावन मे ज़ब नन्नी नन्नी बुँदे पडती, वे भी साजन के मन की बातें कहती। मै ध्यान लगाकर उनको सब सुनती, फिर साजन आने के सपने मै बुनती।।
सावन मे सूरज कहाँ छिप जाता, ...
तुम यूँ ही तलाशते रहे कागज़ पर खुद को ,,, हमने तुम्हे अपने दिल पर लिखा है
कागज पर मुमकिन नहीं थी तारीफ तुम्हारी ,,,, हमने अपने दिल पर तुम्हे हसीन लिख दिया
तुम्हारे बिना जीना मुमकिन नहीं है ,,,, हमेशा सांसों की बात मत किया करो
देखते हैं तन्हा रह कर कभी ,,, शायद खुद से मुलाकात हो जाए
तुमने बात दिल पर लगा दी ,,,,, बस यही बात दिल पर लग गई
तुमने कभी खुद को नहीं देखा शायद ,,, यकीन करो तुम खुद से ज्यादा खूबसूरत हो
बिना जाम के कदम बहक जाते हैं ,,,, तुम्हे नशा ना कहूँ तो क्या कहूं
कैसे बताऊं हर किसी को मेरा पता ठिकाना ,,,,, तुम्हारा दिल है कोई गली मोहल्ला नहीं
शाइर को दुआ
रोज़ तेरे क़लम में धार आये रोज़ तुझको किसी पे प्यार आये रोज़ एहसास की घटा उमड़े रोज़ जज़्बात की फुहार आये रोज़ ग़ुंचा ख़याल का चटके रोज़ अल्फ़ाज़ पर बहार आये रोज़ महके हुए क़वाफ़ी हों रोज़ अशआर पर निखार आये रोज़ महबूब का तसव्वुर हो ...
तुम्हे खोने के डर से हमने ,,,,, तुम्हे पाने की जिद छोड़ दी
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