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Original Quotes of Yoindians

Meethhaa khaao to munh hee meethhaa hotaa hai zuban nahin
Sahib zuban to meethhee kehlaatee hai meethhaa bolne hee se...

Posted by:surindarn
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August 31, 2026, 05:52:47 AM

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Muhabbat ne liye hain,imtehaan kaise kaise
Dil par pade hain , ye nishaan kaise kaise
Umeedon ke bojh hi , na utha saki humari jaan
Humne paal rakhe the ,ye armaan kaise kaise
मुझे तलाश नहीं करनी है खुद की ,,,,
    मुझे तुम्हारी आँखों में खोया रहने दो
आंखों से नहीं पढ़े जाते  ,,,,
    गम जो अश्कों से लिखे जाते हैं
जब भी हमें भूलने का मन हो ,,,,
    बस हमें याद कर लिया करो
ना ज़िद करो खुद से हमे भूलने की ,,,
   इस कोशिश में हम और याद आएंगे
अपनी ख़ुशबू को हवा में घोल कर जाते हैं वो
दो मिनट भी मुझ से जब हँस-बोल कर जाते हैं वो

मैंने सोचा था कि मेरी बात से रुक जाएँगे
पर मेरी हर पोस्ट को तो स्क्रोल कर जाते हैं वो

जाने-वालों की हुई क़ीमत पता जाने के बाद
अपनी यादों को मगर अनमोल कर जाते हैं वो

म...
इतनी शिद्दत से ना पड़ा कीजिये ,,,,,
    लफ्जों से नहीं हमसे मोहब्बत हो जाएगी
लिखना अब मेरे लिए लाज़मी हो गया है ,,,,
    सुना है उनको मेरे अल्फ़ाज़ों  से मोहब्बत हो गई है
कुछ लोग जी रहे हैं शिकायत के बावजूद
कुछ को शिकायतें हैं ग़नीमत के बावजूद

इक लुत्फ़ आ रहा है मुसीबत के बावजूद
इक काम कर रहा हूँ नसीहत के बावजूद

मुझको किसी निगाह ने ज़िंदा नहीं किया
इक बुत बना हुआ हूँ मैं हसरत के बावजूद

कुछ ज़ख़्म बे-इलाज ही भरते चले गए<...
तुम्हे क्या जरूरत है पढ़ने की ,,,,
    मैने तुम्हे ही तो इसमें लिखा है
हसीन वादियों को भूल जाओगे ,,,,
   किसी के ख्वाबों में जा कर देखिए
तुम्हारी निगाहों में देखने दो  ,,,
     मेरा आइना टूट गया है
हैप्पी बर्थडे इंडिया

तेरी धरती आसमां हो हैप्पी बर्थडे इंडिया
तू सदा रश्के-जहां* हो हैप्पी बर्थडे इंडिया
*दुनिया की ईर्षा

तू किसी की मेहरबानी का नहीं मोहताज हो
तू सभी पर मेहरबां हो हैप्पी बर्थडे इंडिया

टेक्नोलॉजी भी बढ़े अध्यात्म भी फलता रहे
तुझपे...


Hello dosto kafi arse bad lauta hoo yoindia par, crime thriller universe aur horror stories ke baad ek aur dhamakedar thriller ki peshkash kabul kare saal 2026 ki pehli dastan ke sath jiska naam hai "Shoote...
पूरी तरह से थककर आराम है मुकम्मल
कहते हैं काम अपना इनआम है मुकम्मल

चाहा है दोस्तों को दीवानगी की हद तक
मुझपर ये दुश्मनों का इल्ज़ाम है मुकम्मल

इस ज़ीस्त* को मुकम्मल करते हैं चंद लम्हे
वरना तो कौन सा दिन या शाम है मुकम्मल
*जीवन

मंज़िल की जुस्तुजू ह...
मैं तुम्हारा हूं ,,
     तुम्हे भी बताना पड़ता है
शोहरत का मुझसे दाम चुकाया न जाएगा
तो क्या हुआ कि नाम कमाया न जाएगा

मैंने भी उसका हाल न पूछा ये सोचकर
उससे भी अपना हाल सुनाया न जाएगा

हमने बरामदे में जो पौधा उगा लिया
गमले में रखके पेड़ बनाया न जाएगा

इक रोज़ इसमें बर्गो-समर फिर न आएँगे
लेकिन शजर को...
वो चाय की शौकीन थी ,,,,
    हमें शराब लगा गई
तुम किसी में भी नहीं थे ,,,,,
     मैने हर एक लकीर देखी हाथ की
तुमने जो खामोशी से दिल तोड़ा था ,,,,
     उसका शोर अभी भी है
*सावन माह की विशेषता*

सावन मे ज़ब भी बादल आते,
साजन का सन्देशा भी वे लाते।
सन्देशा ज़ब मै उनका पढ़ती,
आँखो से आंसू मेरे आ जाते ।।

सावन मे ज़ब नन्नी नन्नी बुँदे पडती,
वे भी साजन के मन की बातें कहती।
मै ध्यान लगाकर उनको सब सुनती,
फिर साजन आने के सपने मै बुनती।।

सावन मे सूरज कहाँ छिप जाता,
...
तुम यूँ ही तलाशते रहे कागज़ पर खुद को ,,,
    हमने तुम्हे अपने दिल पर लिखा है
कागज पर मुमकिन नहीं थी तारीफ तुम्हारी ,,,,
    हमने अपने दिल पर तुम्हे हसीन लिख दिया
तुम्हारे बिना जीना मुमकिन नहीं  है ,,,,
    हमेशा सांसों की बात मत किया करो
देखते हैं तन्हा रह कर कभी ,,,
     शायद खुद से मुलाकात हो जाए
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