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Original Quotes of Yoindians
zindagi  vich kuch shikhiya hove ja na
Pr ik gal jarur shik lai hai
Jis di kadar asi bahoot krde han
Oh tuhdi kadi bhi kadar nahi krda oh aksar dil nu torda hai
Fr has ke ehi bolda hai
Meri ki galti hai
han oh sach bolda hai
galti us di nahi sadi jo asi us nal bahoot jada lagab peda kr liya

Posted by:RAJAN KONDAL
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Er AK on 29-06
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June 22, 2026, 05:01:38 PM

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*पत्नि के पर्यायवाची शब्दों पर कविता*

जो पत्नि का धर्म निभाए उसे धर्मपत्नी कहते है।
जो जीवन भर तुम्हारे साथ रहे उसे जीवनसंगनि कहते है।
जो गृह क़ो अच्छी तरह चलाये उसे गृहणि कहते है।
जो केवल घर मे रहे उसे घरवाली कहते है।
जो जोर जोर से बोले उसे जोरू कहते है।
जो अपने ब...
*योग या दिखावा*

जंग फ़ूड का जो करते उपयोग,
उनका भला नही करे कोई योग।
जो खाते है  स्वच्छ सादा भोग,
उनका भला करता सैदेव योग।।

एक दिन योग करने से कुछ न होगा,
नित्य नियम से रोजाना करना होगा।
इसको बनाओ अपने जीवन की शैली,
तब कहीं इसका अधिक फायदा होगा।।

योग के बहाने दिखावा करते है लोग,
सच्ची...
चल रही है हाए-बाए फ़ोन पर
हमने सब रिश्ते निभाये फ़ोन पर

इक वही जाने कि घर लौटा हूँ मैं
आ गया है वाए-फ़ाए फ़ोन पर

कितने ही अपने पराये हो गये
नाम किस-किस के हैं पाये फ़ोन पर

सब के सब हर फ़न के मौला हो गये
जबसे ए.आए को लाये फ़ोन पर

इतन...
हमसे मिलना हो तो ख्यालों में आना पड़ेगा ,,,,
     मुलाकात के लिए वही जगह मुकर्रर की है
मेरी आँखों का नशा टूट रहा है ,,,,
        तुमसे नजरें मिलाना अब जरूरी  है
डूब जाना तय था मेरा  ,,,
     उसकी आँखें बहुत गहरी थी
बहकना और महकना जायज़ है शायद ,,,,
    तुम्हारी इत्र जैसी मोहब्बत में नशा भी है
सुब्ह कोलगेट से जागे हम लोग
सर पे बाटा लिेए भागे हम लोग

रेस में आगे निकलना था हमें
ईएमाए पीछे है आगे हम लोग

झूठ सोने से चमकते हैं यहाँ
और सोने पे सुहागे हम लोग

एक चादर है सभी के ऊपर
खोलते उसके ही धागे हम लोग

कुछ सुनहरे हिरनों के पीछे
kab kaha ke khushiyon ka  abe zam zam mile 
ilteja itni si hain  ke gham thoda kam mile 

kehkasha e husn e yaad ek waadi ho gayi 
wo jagah ke jaha tujhse hum mile 

maikhano me beet rahi he umr jo 
dua he ek nazar dekhne haram mile 

chhod di hain haqeeqat ki ummed humne
wafa na sahi  waf...
आप फ़ाज़िल* हैं क्या किया जाए
लोग जाहिल हैं क्या किया जाए
*विद्वान

इन रियाकारियों* में आप के साथ
हम भी शामिल हैं क्या किया जाए
*पाखंडों

वो समझते कि हल मसाइल* के
बस मिसाइल हैं क्या किया जाए
*समस्याओं

सैकड़ों में वो एक सूरत है
सैकड़ों...
जेठ की दुपहरी

देख दुपहरी जेठ की,हर कोई मांगत छाय।
माह मास में देखत इसे,मन ही मुस्काय।।

देख दुपहरी जेठ की,सब लोग है परेशान।
ठंडे दूध के साथ क़र रहे है सब जलपान।।

देख दोपहरी जेठ की,आलू भी हुआ बेहाल।
पानी बिन उबल रहा,देखो गरमी की चाल।।

देख दोपहरी जेठ की,तरुवर भी अकुलाय।
पथिक तरु की छाय म...
मीरो-ग़ालिब का परस्तार* भी हूँ
दौरे-हाज़िर का अलमदार** भी हूँ
*उपासक             **ध्वजावाहक

आज के हाल से बेज़ार भी हूँ
कल की उम्मीद से सरशार* भी हूँ
*छलकता हुआ

हुस्ने-दुनिया का मुसव्विर* हूँ मगर
साथ में आईना-बरदार भी हूँ
*चित्रकार

मैं ...
हमसे मिलना हो तो ख्यालों में आइए ,,,
        हम हर जगह मिलते नहीं हैं
ना बनना  तुम सबब मेरी परेशानी का कभी ,,,,,,
        मैने हर किसी को तुम्हे सुकून बताया है
बार बार यूं देखते हो आईना ,,,,
          तुम्हे यकीन नहीं के तुम खुद से ज्यादा खूबसूरत हो
अनकही रह जाएगी या अनसुनी हो जाएगी
बात फैलेगी तो अच्छी या बुरी हो जाएगी

रात में सूरज तुम्हें रस्ता नहीं बतलाएगा
पर सितारों से तुम्हारी दोस्ती हो जाएगी

ज़िंदगी हस्सास* लोगों की बहुत बेरहम है
इक ज़रा सी बात भी कितनी बड़ी हो जाएगी
*सम्वेदनशील

इस क़द...
ये नुस्ख़ा आज़मा कर देखते हैं
गिले शिकवे भुला कर देखते हैं

दिखावा तो ज़रा नफ़रत में भी है
मुहब्बत ही जता कर देखते हैं

तअम्मुल* उसको भी शायद यही हो
हमीं नम्बर मिला कर देखते हैं
*संकोच

मोहल्ले के नहीं आदाब वरना
बग़ल के घर में जा कर देखते हैं
न ख़ुदा की न तो ख़ुदाई की
फ़िक्र हमको है ईएमआई की

बेपढ़े लिख रहे नसीब अपना
क्या इसी के लिए पढ़ाई की

चुप था जब चापलूस बोल रहे
मैंने इस तरहा लब-कुशाई* की
*बोलने के लिए होंठ खोलना

बिक गए ताज लुट गए क़िलए
हम फ़क़ीरों ने जब गदाई* की
*भिक्षा-व...
रात के जागने-वालों के लिए
फ़ोन काफ़ी है उजालों के लिए

न तो मेलों न रिसालों के लिए
शे’र कहता हूँ सवालों के लिए

न ही होंटों न ही गालों के लिए
मेरे बोसे तो हैं छालों के लिए

अपनी बातें ही मुनासिब न लगीं
ये हुआ ताज़ा ख़यालों के लिए

तेल देने...
meraj e muhabbat , hain milna kisi ka
yu dil pe chadha , rang gehra kisi ka

ae waqt ruk ja , isi pal ke mujhko
yaad aa gaya hain, chehra kisi ka

zikr mehtab ka jo , tune chheda humnashin
fasana jubaan par , aa thehra kisi ka

soye se din hain, aur jaagi si raatein
deewana kar dega , y...
बुझे दियों ने भी सौगंध खाई जलने की
हवा ने बात बड़े ज़ोर से की चलने की

हमें कुछ और भी बेग़ैरती से जीना है
हमारे ख़ून को आदत नहीं उबलने की

वहाँ गए थे जो लम्बी कतार में लगकर
वही तलाश रहे राह अब निकलने की

कभी था ठोकरें खाने पे ख़ूब नाज़ मुझे
सँभल के ...
gunhagar hu sach he , magar aarif ye dekh
haafiz na sahi , magar kaafir nahi hu main
kya raat hain jisme chand na ho
kya hum hain jisme tum na ho

kuch keh du tere baare mein
to baat sukhan se kam na ho

kuch dil me aur kuch sajde mein
Hain duaa tu mujhse dur na ho

koi gulshan he jisme gul nahin
Wo mehfil ke jisme tum na ho

Nigah Kesi agar shokhi nahi 

ishq kesa a...
Juda kese ho sakte hain , hum dono bhala,
Ankhon se nahi humne,  dil se ishq kiya hain
बस ये कहते ही रहे आग में जलने वाले
हम भी घर छोड़के हरगिज़ न निकलने वाले

ये सभी फ़ोन से दुनिया को बदलने वाले
हैं ट्विटर और ज़ोमैटो से बहलने वाले

सारी माँओं ने तो इक जैसी दुआएँ दीं हैं
सारे बच्चे ही नहीं फूलने-फलने वाले

रील के वास्ते हर हद से गुज़र जाए...
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