"घरआली" मेरी घरआली धोरै नहीं कोए जैकपोट सै,

by RAJ SOLANKI on December 18, 2013, 01:33:48 PM
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RAJ SOLANKI
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Haryanvi Poem:
"घरआली"
मेरी घरआली धोरै नहीं कोए जैकपोट सै,
एक टूटी होड खाट मैं वा मारै लोट सै।
किसे काम तै वा जी नहीं चुरावै,
हर एक काम मैं कती ओन द स्पोट सै।
साबत दिन खेत का काम करै,
सांझ कै लावै घास का भरोट सै।
वा नहीं खांदी चटपटी चीज,
लंच उसका लस्सी,बाजरै के रोट सै।
फैशन तो वा माङा सा करती ए कोन्य़ा,
ना कैटरीना के अंगारां तै भी होट सै।
के बताऊँ थामनै,वा मन्नै किसी आच्छी लागै,
उस मेरी जान कै हाथ मैं मेरी जान का रिमोट सै।

तन्नै बोहोत दिन हो लिए हैं, इब चुप-चाप आ कै अपना घर-
बार सम्भाल ले,
पाछली बार तै तू नई नई आई थी न्यू कर कै मन्ने बात रोलै-
रला दी थी.
पर इब पहल्या बताऊ हूँ ..
एक तै गित्वाड़े मैं निक्कर पहर कै मतजाया कर,
अर तेरे तै कई बै बता ली है चश्मे ला कै गोबर मत
पाथ्या कर..
तेरा एक उल्हाणा और आ रया है तू ले है अर किस्से हो के
बिटोड़े पे i love u लिख आवै है.
जै किसे बिटोड़े मैं कुत्ती ब्याई पा गी तै तेरी पींडियां नै
फफेड देगी.
तन्नै सारे गाम के पाली बिगाड़ दिए... तू इन्हैं
अंग्रेजी सिखाण तै लाग गी.........
देखिये कदे इन्हैं अंग्रेजी सिखाण के चक्कर मैं इन्हैं मैं तै
कोयसा तेरी गैल 2 का पह्ड़ा पढ़े पावै.
ये सूंडी तईं की बनियान पहर कै गाल मै खड़ी मत होया कर
अर अपणे लत्ते भीतर बिलंग्णी पै सुकाया कर.
इब कै आवेगी तेरे तईं 9 कलि का दाम्मण अर सप्पन
कुड़ता सिमाऊंगा.
जब तू गाल मैं धम धम करती चालेगी . सारे गाम मैं
रुक्का पाट ज्यागा.
नहीं जै सारा गाम तन्नै ओटडयाँ पर कै एड्डी ठा-ठा देखै
मेरा नाम बदल लिए.
अरै तू आज्या बस एक बै ...
तन्नै इतना प्यार दे द्यूंगा अक
तेरी जाड़ खटा ज्यांगी.....
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RAJAN KONDAL
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«Reply #1 on: December 18, 2013, 03:26:24 PM »
 icon_flower icon_flower mujay hariyanbi nahi ati par padh kar majah aya bhut khub
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sksaini4
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«Reply #2 on: December 18, 2013, 04:16:32 PM »
mazedaar waah waah
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«Reply #3 on: December 18, 2013, 09:28:48 PM »
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Iftakhar Ahmad
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«Reply #4 on: December 19, 2013, 01:14:02 AM »
waah waah bahut khoob Solanki jee.
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