Veh Todti Patthar - Famous poem by Suryakant Tripathi Nirala

by Yopop on October 07, 2011, 05:39:06 AM
Pages: [1]
ReplyPrint
Author  (Read 9709 times)
Yopop
Guest
Reply with quote
वह तोड़ती पत्थर
देखा मैंने इलाहाबाद के पथ पर --
वह तोड़ती पत्थर ।

कोई न छायादार
पेड़, वह जिसके तले बैठी हुई स्वीकार;
श्याम तन, भर बँधा यौवन,
गुरु हथौड़ा हाथ
करती बार बार प्रहार;
सामने तरु - मालिका, अट्टालिका, प्राकार ।

चड़ रही थी धूप
गरमियों के दिन
दिवा का तमतमाता रूप;
उठी झुलसाती हुई लू
रुई ज्यों जलती हुई भू
गर्द चिनगी छा गयी

प्रायः हुई दुपहर,
वह तोड़ती पत्थर ।

देखते देखा, मुझे तो एक बार
उस भवन की ओर देखा छिन्न-तार
देखकर कोई नहीं
देखा मुझे उस दृष्टि से
जो मार खा रोयी नहीं
सजा सहज सितार,
सुनी मैंने वह नहीं जो थी सुनी झंकार ।
एक छन के बाद वह काँपी सुघर,
दुलक माथे से गिरे सीकार,
लीन होते कर्म में फिर ज्यों कहा --
"मैं तोड़ती पत्थर"
Logged
thiy
Guest
«Reply #1 on: June 09, 2014, 12:50:19 AM »
Reply with quote
todthi pathar meaning in english
 
 icon_flower:
Logged
VIKASH SHASTRY
Guest
«Reply #2 on: January 03, 2016, 04:23:41 AM »
Reply with quote
 :kermit:
वह तोड़ती पत्थर
देखा मैंने इलाहाबाद के पथ पर --
वह तोड़ती पत्थर ।

कोई न छायादार
पेड़, वह जिसके तले बैठी हुई स्वीकार;
श्याम तन, भर बँधा यौवन,
गुरु हथौड़ा हाथ
करती बार बार प्रहार;
सामने तरु - मालिका, अट्टालिका, प्राकार ।

चड़ रही थी धूप
गरमियों के दिन
दिवा का तमतमाता रूप;
उठी झुलसाती हुई लू
रुई ज्यों जलती हुई भू
गर्द चिनगी छा गयी

प्रायः हुई दुपहर,
वह तोड़ती पत्थर ।

देखते देखा, मुझे तो एक बार
उस भवन की ओर देखा छिन्न-तार
देखकर कोई नहीं
देखा मुझे उस दृष्टि से
जो मार खा रोयी नहीं
सजा सहज सितार,
सुनी मैंने वह नहीं जो थी सुनी झंकार ।
एक छन के बाद वह काँपी सुघर,
दुलक माथे से गिरे सीकार,
लीन होते कर्म में फिर ज्यों कहा --
"मैं तोड़ती पत्थर"
Logged
Hrishikesh tandekar
Guest
«Reply #3 on: July 29, 2018, 04:43:52 AM »
Reply with quote
Very nice poem i like it
Logged
Pages: [1]
ReplyPrint
Jump to:  

+ Quick Reply
With a Quick-Reply you can use bulletin board code and smileys as you would in a normal post, but much more conveniently.


Get Yoindia Updates in Email.

Enter your email address:

Ask any question to expert on eTI community..
Welcome, Guest. Please login or register.
Did you miss your activation email?
January 24, 2022, 05:57:36 AM

Login with username, password and session length
Recent Replies
by Shahid Rafique
[January 23, 2022, 02:26:14 PM]

[January 23, 2022, 10:26:46 AM]

[January 23, 2022, 10:05:12 AM]

[January 23, 2022, 06:53:23 AM]

[January 19, 2022, 02:51:25 PM]

[January 19, 2022, 02:39:31 PM]

[January 19, 2022, 08:25:22 AM]

[January 19, 2022, 08:24:38 AM]

[January 19, 2022, 08:23:59 AM]

[January 16, 2022, 05:10:15 PM]
Yoindia Shayariadab Copyright © MGCyber Group All Rights Reserved
Terms of Use| Privacy Policy Powered by PHP MySQL SMF© Simple Machines LLC
Page created in 0.128 seconds with 24 queries.
[x] Join now community of 8441 Real Poets and poetry admirer